झारखण्ड राज्य के धनबाद जिला के बाघमारा प्रखंड से बीरबल महतो मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि गर्मी के मौसम के बाद बरसात का मौसम वाकई समस्त प्राणियों को राहत प्रदान करती है । परन्तु यह राहत देने के साथ -साथ लोगों के दिलों -दिमाग में खौफ भी उत्पन कर देता हैं और यह खौफ है व्रजपात की। व्रजपात की घटनाएं बारिश के मौसम में अत्यधिक होती है । और इसकी चपेट में आने से कई लोग अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं। वे कहते हैं कि अपने स्तर पर कुछ सावधानियां बरत कर बज्रपात की घटना से बचा जा सकता है इसके लिए जरुरी है कि ज़ोरदार वर्षा के दौरान नदी,झील,नहरों आदि में प्रवेश करने से बचें। इस दौरान हो सके तो अपने-अपने घरों में ही रहें। अगर यात्रा के दौरान वर्षा होने लगी हो तो पेड़ की आड़ में जा कर ना छुपे। बिजली से चलने वाली उपकरणों का प्रयोग न करें। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का भी इस्तेमाल में ना लाए। साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा कई अस्पतालों में व्रजपात विरोधी यंत्र लगाया गया है। अगर कोई व्यक्ति व्रजपात की चपेट में आ जाता है,तो तुंरत ही अस्पताल ले जाये जिससे उनका उपचार सुचारु रूप से हो जाए। इन सारी बातों को ध्यान में रख कर खुद को व अपने परिवार वालों को सुरक्षित रखें।
