प्रिंस कुमार दुमका से झारखण्ड मोबाइल वाणी के मध्यम से कहन कहते है की जिले के सरकारी स्कूलो में शिक्षक के होते हुए भी नहीं होती है पढाई, इन्होने बताया की सभी शिक्सक विद्यालय तो आते है पर सभी बैठक गप्पे मरते है, बच्चो की शिकायत है की विद्यालय में कक्षा में भी पढाई देर से शुरू की जाती है