झारखण्ड राज्य के रामगढ़ जिला से अक्षत आनंद झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से जल संरक्षण के सम्बन्ध में कहते हैं कि गर्मी के दिन आते ही पेय जल की समस्या उत्पन्न हो जाती है।इससे बचने के लिए जरुरी है कि जल का संरक्षण किया जाना चाहिए।वे कहते हैं कि भूमिगत जलस्तर को बढ़ाने के कई तरीके हैं जैसे जगह जगह पर गड्ढे खोदकर जल का संरक्षण किया जाना चाहिए ,नदी के बहते जल को डेम बनाकर इकठ्ठा किया जाना चाहिए ,जल का उपयोग लोगों को सोच समझकर आवश्यकतानुसार ही करना चाहिए और बेवजह पानी बरबाद नहीं करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि कई बार शहरी निकाय को पाईप लाइन के जरिये जलापूर्ति की जाती है ,तो जगह जगह पर पाईप फटे होने के कारण पानी सड़क पर बहते रहता हैं। इस पर ध्यान देना चाहिए कि ऐसा न हो। उन्होंने कि जल संरक्षण के लिए डोभा , डेम , तालाब आदि का निर्माण किया जाता है ,तो जहाँ एक ओर भूमिगत जलस्तर में वृद्धि होगी वहीँ दूसरी ओर मत्स्य पालन का काम भी किया जा सकता हैं , जिससे सरकार को राजस्व की भी प्राप्ति होगी।