जिला गिरिडीह के गांदे प्रखंड से अमित कुमार ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के अनुशार मनरेगा कर्मियो को 100दिनो का कार्य दिया जाएगा लेकिन सरकार को यह जानकारी नहीं है की 100 दिनो के कार्य के बाद लाभुको को सिर्फ प्रखंड का चक्कर काटना पड़ता है यदि कोई लाभुक सिचाई कूप को प्रखंड से लेता है तो सबसे पहले मुखिया को,पंचायत सेवक को,रोजगार सेवक को 5%और स्कूटी इंजिनियर को 2%देना पड़ता है।और जो मजदुर मंरेगा में कार्य करता है उसे मजदूरी नहीं दिया जाता है अंत में उसे कार्य छोड़ना पड़ता है।अत:सरकार इस तरह के गड़बड़ी कार्य को रोके जिससे बेरोजगारी कम हो सके।
