राधू राय धनबाद से झारखण्ड मोबाइल वाणी के मध्यम से एक कविता प्रस्तुत कर रहे है, इस कविता में वे प्रशन के रवैये पर व्यंग करते हुए इन्होने सड़क निर्माण से ले कर पंचायत तक होने वाली घोटाले को कविता के माध्यम से बयां किया है
राधू राय धनबाद से झारखण्ड मोबाइल वाणी के मध्यम से एक कविता प्रस्तुत कर रहे है, इस कविता में वे प्रशन के रवैये पर व्यंग करते हुए इन्होने सड़क निर्माण से ले कर पंचायत तक होने वाली घोटाले को कविता के माध्यम से बयां किया है