बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान की पिछली कड़ी में यह चर्चा की गई थी कि, कैसे हमारे समाज में चल रहे लिंग भेदभाव बाल विवाह का एक बड़ा कारण बन गया है। पर क्या कोई उपाय नहीं है, इस भेदभाव को दूर करने का। इस विषय पर चाइल्ड इन नीड इंस्टीयूट के उपनिदेशक रंजन पांडा जी ने बताया कि, लिंग चयन के आधार पर जो गर्भपात होती है, वो मुख्य रूप से जब महिलाएँ गर्भावस्था के दौरान बेटा-बेटी की चाह में लिंग जाँच करवातीं हैं और उसके आधार पर जब गर्भपात करवातीं हैं तो उसे लिंग चयन गर्भपात कहा जाता है। यह मुख्य रूप से पिछड़े वर्ग के लोग करते हैं जो राजस्थान,झारखण्ड या बिहार के लोग होते हैं।तो श्रोताओं आपके अनुसार लड़का लड़की के बीच इस सामाजिक भेदभाव का और क्या-क्या कारण है।