दुमका,काठीकुंड से अवनीश कुमार मोबाइल वाणी के माधयम से ये बता रहे है कि काठीकुंड में जो नई बीपीएल सूचि तैयार किया गया है उसमे गैरक़ानूनी तरीके से गडबडी किया जा रहा है। जो गरीब है और जिनका स्कोर काफी कम था उनका स्कोर बढ़ा कर उनका नाम बीपीएल कार्ड से हटा दिया जा रहा है। सर्वे की जो टीम आई थी इसे देखने के लिए वो एक जगह पर बैठ कर ही यह लिस्ट तैयार कर लिये थे। इस सूचि में ऐसे लोगो का नाम दर्ज है जिसके घरो में किसी भी चीज की कोई कमी नहीं है।जनवितरण प्रणाली द्वारा सभी कार्डधारी को 35 किलो चावल देने का प्रावधान है लेकिन उन कार्डधारियो को सिर्फ 32 किलो ही चावल दिया जाता है।जब ग्रामीणो द्वारा डिलर से पूछा जाता है तो वे कहते है की उन्हें 32किलो चावल देने का आदेश है जबकि स्पष्ट रूप से रजिस्टर में यह लिखा हुआ है की उन्हें 35 किलो चावल वितरण करने का प्रावधान है।मजबूरन ग्रामीणो को 32 किलो ही चावल लेना पड़ता है क्योकि उन्हें डर है की यदि वे इसके खिलाफ आवाज उठाते है तो उनका नाम रजिस्टर से हटा दिया जाएगा।अतः वो सरकार से अनुरोध करते हुए ये कहना चाहते है कि इस मनमानी को रोके जिससे गरीबो को उनका हक़ मिल सके।