काठीकुंड,दुमका से अमरेश कुमार जी झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताना चाहते है कि संथाल परगना का एक मात्र यूनिवर्सिटी सिद्धू कान्हू विश्वविद्यालय जो बहुत ही प्रसिद्ध विश्वविद्यालय था लेकिन आज वह नाम मात्र का कॉलेज रह गया है।यहाँ विद्यार्थी नामाकन लेने के बाद सीधे एग्जाम देने जाते है।अगर विद्यार्थी क्लास करने जाते भी है तो टीचर नही आते है।डिग्री कॉलेज की बात करे तो ये तीन साल के बजाये साढ़े चार या पाँच साल लगा देते है।जिसके कारण विद्यार्थी को बिहार या किसी अन्य राज्य में पलायन करने को मजबूर है। इसलिए ये चाहते है कि इस बार विश्वविद्यालय प्रसाशन अपने नियम में कुछ बदलाव करे और छात्र को सुविधाए उपलब्ध कराये।