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मोबाइल वाणी के माध्यम से दीपक कुमार जी शैलेश जी से बातचीत कर रहे है। जहाँ शैलेश जी का कहना है कि आज के बच्चे मेट्रिक के बाद इंटर में साइंस,आर्ट्स,कॉमर्स अदि के बारे में सोचते है। परन्तु इनका कहना है कि इनसभी के बाद भी कई सारे ऐसे अवसर है ,जो हमारे करियर को चार चाँद लगा सकते है। जैसे नर्सिंग के क्षेत्र में जा सकते है,आईटीआई कर सकते है,पॉलिटेक्निक की पढ़ाई कर सकते है। इसके साथ ही भारत सरकार द्वारा चलाये गए ऐसी कई योजनाएं है,जो हमें कुशल बनाते है,उसका लाभ भी हम उठा सकते है।इसकेलिए हमें खुद को ही अपना लक्ष्य तय करना है और उसी के आधार पर विषय भी चयन करना है।

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बिहार राज्य के नालंदा जिला से बेबी कुमारी जीविका मोबाइल वाणी के द्वारा ओआरएस घोल के बारे में बता रही हैं।उन्होंने बताया की गर्मी के दिनों में दस्त या उल्टी होने का संभावना काफी ज्यादा होता है,इसलिए घर में हर वक़्त 2 पैकेट ओ.आर.एस का जरूर रखना चाहिए।दस्त या उल्टी होने पर ओआरएस का घोल देना चाहिए।इसे बनाने से पहले सबसे पहले हाथों को अच्छी तरह से धो कर, किसी साफ़ बर्तन में एक पैकेट ओआरएस के पॉवडर को एक लीटर शुद्ध पानी में घोल कर थोड़े-थोड़े अंतराल में पिलाना चाहिए। इस तैयार घोल को 24 घंटे के अंदर ही इस्तेमाल करना चाहिए।

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बिहार के नालंदा जिले से संतोष ने जीविका मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पटना स्नातक स्तर के कॉलेजों में ऑनलाइन दाखिले के मामले दस मई तक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के काउंटर खुलेंगे। यूनिवर्सिटी में पहली बार ऑनलाइन दाखिला होगी। इसके वेब साइड पर कॉलेज को जानकारी देनी होगी।

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बिहार राज्य के नालंदा जिला के इस्लामुर प्रखंड से राजेश कुमार जी ने जीविका मोबाइल वाणी को बताया कि बीते दिनों चैती दुर्गा पूजा के समय में जीविका मोबाइल वाणी पर सांप्रदायिक हिंसा के विरुद्ध जो कार्यक्रम चलाया गया था, वह वाकई सांप्रदायिक सद्भावना के क्षेत्र में काफी सराहनीय रहा।

राज्य बिहार के जिला बेगूसराय से रौशन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि राज्य में शिक्षा की स्थिति सुधारने में विद्यालयों के साथ साथ अभिभावकों का अहम् योगदान रहता है।शिक्षा किसी भी सभ्य समाज की पहचान है एवं एक महत्वपूर्ण साधन है।जिससे वयक्ति एक सभ्य समाज और सभ्य नागरिक का निर्माण कर सकता है।आज भले ही हम आधुनिक युग में जी रहे है,मगर शिक्षा और सही सोच के लिए हम तरस रहे।वास्तविक शिक्षा का मतलब वह है जो रोजी रोटी कमाने के साथ साथ सही अर्थो में हमें जीना भी सिखाये।शिक्षा और शिक्षक एक भरोसा ,आस है विश्वाश है जिसके द्वार पर हमारी नयी पीढ़ी कुछ सिखने बैठी है। अगर देश के सभी शिक्षक और अभिभावक यह प्रयत्न कर ले शिक्षा के बल पर हमें देश को आगे ले जान है तो निश्चित ही रॉष्ट्र विकसित होगा।