बिहार राज्य के नालंदा जिला के चंडी प्रखंड से ममता देवी जीविका मोबाइल वाणी के द्वारा अपना अनुभव साझा करते हुए बताती हैं कि उन्हें बाल विवाह की जानकारी होते हुए भी अपनी माँ की इच्छा और दबाव के कारण अपनी बेटी की शादी 16 वर्ष की उम्र में ही कर दी थी।उनकी बेटी अभी अपनी माँ के यहाँ रह कर ही पढ़ाई कर रही है।इसके बाद भी वो लोगों को कहती हैं कि बाल विवाह करने से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है,इसलिए कम उम्र में विवाह नहीं करना चाहिए।लड़की की शादी 18 वर्ष की उम्र में ही करना चाहिए जिससे परिवार सुरक्षित हो और बच्ची भी स्वस्थ रहे।