बिहार राज्य के नालन्दा जिला के हिलसा प्रखंड से सुमन जी जीविका मोबाइल वाणी के माध्यम से बाल विवाह पर हिलसा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सुरेश जी से साक्षात्कार ले रहे है,जिसपर प्रभारी सुरेश जी ने कहा कि शादी की सही उम्र लड़की के लिए 18 वर्ष और लड़को के लिए 21 वर्ष है और यह वैज्ञानिक तत्व पर आधारित है। 18 वर्ष तक लड़की और 21 वर्ष तक लड़का का सही से शारीरिक विकास हो जाता है और अगर कम उम्र में शादी हो जाती है,तो उनके शरीर में कई तरह के प्रभाव पड़ता है। जैसे - जल्दी बच्चा पैदा होता है,जिससे बच्चे का वज़न कम होता है और वो शारीरिक रूप से काफी कमज़ोर हो जाता है। जिसमे अधिक मृत्युदर की संभावना होती है। खून की कमी भी होती है और शरीर का विकास भी सही तरीके से नहीं हो पाता है। जैसा की सभी को पता है कि माननीय मुख्यमंत्री जी का सपना है कि पूरा समाज बाल विवाह और दहेज़ प्रथा से मुक्त हो। इसके लिए इन्होने 2 अक्टूबर को अपने अधीन कर्मियों से सपथ दिलवाये है कि कम उम्र में शादी नहीं होने दें और दहेज़ न लें और बहु को बहु नहीं बल्कि बेटी समझे।इन्होने कहा कि बाल विवाह और दहेज़ प्रथा के बारे में सभी को प्रेरित करेंगे कि बाल विवाह न कराये और अपने बच्चो को पढ़ाये, ऐसा करने पर अपने बच्चो का ही भविष्य उज्जवल होगा।
