बिहार राज्य के नालंदा जिला से संतोष जी आशा कार्यकर्त्ता अंजू सिन्हा जी से बाल विवाह पर साक्षात्कार ले रहे है,जिसमे अंजू जी ने कहा कि बाल विवाह नहीं करना चाहिए क्योंकि बाल विवाह करने पर लड़कियों की ज़िंदगी अधूरी रह जाती है और उन्हें कई प्रकार की बीमारियां हो जाती है,जैसे एनीमिया आदि।जल्दी शादी होने पर जल्दी बच्चा भी हो जाता है और इससे लड़कियों की जान खतरे में आ जाती है।कम उम्र में शादी करने के कई वजह भी है,जैसे समाज में लोग कहते है कि बेटी जवान हो गयी,अभी तक शादी नहीं हुई है और उन लोगो की बुरी नज़र अपनी बेटी पर न पड़े,इसी डर से परिवार वाले उनकी जल्दी शादी कर देते है। गरीब आदमी के पास पैसे कम होते है,जिसके कारण भी वे अपनी बेटी की शादी कम उम्र में कर देते है। दहेज़ प्रथा को एक आदमी के द्वारा नहीं रोका जा सकता,इसके लिए सभी लोगो को जागरूक होना होगा और समाज में इस विषय पर आपस में बात करनी होगी। कई बार तो दहेज़ के कारण लड़कियों को प्रताड़ित किया जाता है और उन्हें मार दिया जाता है। जिस तरह शराब बंदी किया जा रहा है,उसी तरह दहेज़ प्रथा को बंद करना भी जरुरी है।