नालंदा जिले से दीदी ने मोबाईल वाणी के माध्यम से बताया कि वो विभिन्न समूहों से जुडी हुई हैं और जीविका से जुड़ कर जीवन शैली में बहुत बदलाव आया है।जीविका से जुड़ने के पहले महाजन के कर्ज के बोझ तले दबी हुई थी।मिटटी से बने घर में रहने के लिए मजबूर थी और किसी तरह ,गरीबी में जीवन यापन कर रही थी । जीविका से कर्ज ले कर अपने घर को ठीक से बनाया।साथ ही गाय - भैस भी लिए ,जिससे जीवन -शैली में सुधार हुआ।
