जमुई से दिलीप पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बिहार राज्य में ताड़ की पेड़ की असीम सम्भावना है।ताड़ का वृक्ष बिहार राज्य में ही नहीं बल्कि देश के अधिकांश भागों में सदियों से पाया जाता है।ताड़ को इस धरती का पहला श्रोत माना गया है।इस पेड़ से खाद्य एवं अखाद्य पदार्थ दोनों ही प्राप्त होते हैं ,जिनसे बजार में अच्छा मूल्य मिलता है।ताड़ का पेड़ किसानों के आर्थिक और सामाजिक स्तर को बढ़ाने में भी मदद करता है।ताड़ के पेड़ से नीरा का संग्रह कर उसे साफ़ बर्तन में 110 डिग्री सेंटीग्रेट पर उबाल कर गुड़ बनाया जाता है। प्रति किलो गुड़ उत्पाद के लिए सात -आठ लीटर नीरा की आवश्यकता होती है।