बिहार राज्य के नालंदा ज़िला के एकंगरसराय ब्लॉक से मोबाइल वाणी संवाददाता रंजन ने पंकज से बातचीत की जिसमें पंकज ने जानकारी दी कि सरकार द्वारा लाया गया नीरा योजना एक अच्छी योजना है। नीरा ताड़ के पेंड़ के फल से पासी समुदाय के द्वारा निकाला जाता है। यह एक पौष्टिक जूस होता है। नीरा में कई तरह के पौष्टिक तत्त्व पाए जाते हैं। इससे सेहत में सुधार होता है और जॉन्डिस ,ब्लड प्रेशर जैसी बिमारी ठीक होते हैं। इसे बच्चे भी पी सकते हैं। नीरा को सूर्य के रौशनी ढलने के बाद एक बर्तन में लेप लगाकर पेंड़ पर टांग दिया जाता है और सुबह सूर्य के उगने से पहले पेंड़ से उतार लिया जाता है। नारी पेंड़ से उतारने के लिए सरकार के तरफ से पासी समुदाय को एक लाइसेंस दिया जायेगा।सरकार को पासी के द्वारा पेड़ों की संख्या बतानी होगी। लाइसेंस लेने के बाद पासी इसका व्यवसाय नहीं कर सकते हैं। इस योजना में जीविका की भी भूमिका है। जीविका के कई लोग इस योजना से जुड़े हुए हैं।पासी नीरा निकाल कर एक कलेक्शन सेंटर में जा कर जमा कर देंगे उसके बाद कलेक्शन सेंटर से सुधा में भेजा जाता है। पासी लोगों इस योजना के माध्यम से रोजगार मिलेगा और इससे नीरा से बहुत सारे प्रोडक्ट बनेगा। महिलाओं को भी इस योजना के माध्यम से रोजगार मिलेगा।