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परसा सारण/बिहार।। अंचल के लिपिक का बाइक हुआ चोरी

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विश्व यक्ष्मा दिवस के अवसर पर गुरुवार को जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। जागरूकता रैली को सिविल सर्जन डॉ अखिलेश कुमार मोहन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।  स्वास्थ्य परामर्शी द्वारा आयोजित विश्व यक्षमा दिवस सह फाइलेरिया जागरूकता  रैली के अवसर पर सिविल सर्जन ने टीबी के लक्षण, उपचार, सरकार द्वारा दी जा रही पोषण योजना एवं अन्य सरकारी सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। ग्रामीण चिकित्सा कल्याण विकास संस्थान के बैनर तले आयोजित रैली में 800 परामर्शियों के साथ रैली सदर रोड, त्रिमूर्ति चौक डांक बांग्ला, अनवरपुर, समहरणालय होते नविन सिनेमा, सुभाष चौक, कचहरी रोड होते सदर अस्पताल में समाप्त हो गया। इस अवसर पर जिला वेक्टर बोर्न डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी डॉ सत्येंद्र प्रसाद सिंह, उपाधिक्षक डॉक्टर एसके वर्मा, डाक्टर्स फ़ॉर यू के वरिष्ठ सलाहकार डॉ शिव कुमार रावत, यूनिसेफ की मधुमिता, केयर इंडिया के टीम लीडर सुमित कुमार, डब्लूएचओ के डॉ स्वेता राय, ग्रामीण चिकित्सा कल्याण विकास संस्थान के सचिव डॉ सुरेन्द्र कुमार पासवान, मोहमद मोबिन, अमीना खातून, रामसागर साहनी, डॉ इंद्रजीत, शोभा सिन्हा, विमला, रीना, अनीता,शिला , सुनील कुमार शिवनाथ शर्मा, अरविन्द कुमार,संभव कुमार, सोनी आदि उपस्थित रहे। 

जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान शुरू हो चुका है। अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिला रही है। शुक्रवार को भारत सरकार में वेक्टर बोर्न डिजीज की संयुक्त निदेशक डॉ छवि पंत ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर अभियान की स्थिति को जाना। उन्होंने महुआ के डगरू गांव, मिल्की चकसिया, पटेरी बेलसर आदि जगहों का दौरा कर लोगों को फाइलेरिया रोग से होने वाली परेशानी के बारे में अवगत कराया। डॉ छवि ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजर्स से अभियान के दौरान आ रही चुनौतियों पर भी बात की।

फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से अपने पंचायत को मुक्त बनाने के लिए भीखनपुरा पंचायत के मुखिया अखिलेश रजक लोगों के बीच जागरूकता पैदा कर रहे हैं। वे अपने पंचायत के लोगों से स्वास्थ्य कर्मी के सामने दवा खाने के लिए प्रेरित कर रहे। गुरुवार से जिले में शुरू हुए फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को सफल बनाने में जुटे हैं। बताते हैं कि वे अपने पंचायत में शत प्रतिशत लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने के लिए प्रयत्न कर रहे हैं। अभियान के पहले दिन उन्होंने खुद दवा खाकर दूसरे को भी दवा खाने का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया या हाथी पांव एक गम्भीर बीमारी है। किसी को हाथी पांव की बीमारी हो जाती है तो उसे ताउम्र उसके साथ ही गुजारना पड़ता है। इस बीमारी से बचने का एक ही जरिया है कि फाइलेरिया की दवा का सेवन करें।

प्रखंड क्षेत्र के दो पंचायतो में होने वाले पैक्स चुनाव को लेकर सोमवार एवं मंगलवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र परिसर में नामांकन पत्र दाखिल किया गया. बता दे कि नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए अध्यक्ष पद के लिए तीन काउंटर वही कार्यकारिणी सदस्यों के लिए तीन काउंटर लगाया गया था. विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।