सामाजिक जागरूकता से ही फाइलेरिया और कालाजार जैसे रोगों पर काबू पाया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि हम स्वास्थ्यकर्मियों की उस पौध को इसकी संपूर्ण जानकारी दें, जो समाज के निचले पायदान पर काम कर रहे हैं या लोगों के साथ जिनकी सीधी पहुंच है। यह बातें शुक्रवार को वेक्टर बार्न डिजीज के सामाजिक जागरूकता पर हुए दो दिवसीय प्रशिक्षण के मौके पर सिविल सर्जन डॉ यूसी शर्मा ने कही। जिला मलेरिया कार्यालय की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण का आयोजन एक निजी होटल में किया गया था। इसका विधिवत उद्घाटन सीएस, डीएमओ, डीआईओ तथा केयर डीपीओ ने संयुक्त रूप से किया। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दिन आठ ब्लॉक के बीसीएम, सीएचओ और भीबीडीसी को प्रशिक्षित किया जा रहा है, वहीं दूसरे दिन बचे हुए ब्लॉकों के स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस मौके पर जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ सतीश कुमार ने प्रशिक्षण में आए स्वास्थ्यकर्मियों को फाइलेरिया और कालाजार की पहचान और निदान के बारे में विस्तार से बताया। वहीं प्रशिक्षण ले रहे स्वास्थ्यकर्मियों से हमेशा वेक्टर बॉर्न रोगों पर सदैव तत्परता से निगरानी रखने को कहा।