शनिवार को सिवान स्थित प्रीटीन पब्लिक स्कूल में अंतर्विद्यालय चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गयी। प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि विद्या भवन महिला कालेज की प्राचार्या डा • रीता कुमारी एवं इस्लामिया कालेज के प्राध्यापक अशोक कुमार मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि डॉ रीता कुमारी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि कला के विभिन्न रूपों में 'चित्रकारी' कला का सूक्ष्मतम प्रकार है जो रेखाओं और रंगों के माध्यम से मानव चिंतन और भावनाओं को अभिव्यक्त करता है। प्रागैतिहासिक काल में मनुष्य गुफाओं में रहता था तो उसने गुफाओं की दीवारों पर चित्रकारी की। श्रीमती कुमारी ने आगे बताया कि वस्तुतः कला के द्वारा बालक के नैसर्गिक रूप का विकास होता है और उसमें जिज्ञासा की प्रवृत्ति बढ़ती है। कलात्मक प्रदर्शन में 'स्वानुशासन' रचनात्मक प्रवृत्ति को बाहर लाता है और चेतना को जाग्रत करता है। इस प्रकार कला आत्मानुभूति को आगे बढ़ाकर पूर्ण व्यक्तित्व का विकास करती है। इस प्रतियोगिता के आयोजक प्रीटीन पब्लिक स्कूल के प्राचार्य श्रीमती मधुमिता सिन्हा ने बताया कि इस चित्रकला प्रतियोगिता में एसजीएस पब्लिक स्कूल पचरूखी, आईडियल हाईस्कूल तरवारा तथा संघमित्रा पब्लिक स्कूल सिवान के छात्रों ने भाग लिया।प्रतियोगिता का विषय कृषि भूमि, भूमिगत जल और बाहरी स्थान था।जजों के पैनल शामिल आराध्या चित्रकला के रजनीश कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता में से बेस्ट का चयन काफी मुश्किल भरा रहा।प्रतियोगिता में एसजीएस पब्लिक स्कूल पचरूखी का छात्र आर्यन कुमार प्रथम,संघमित्रा पब्लिक स्कूल की नैन्सी कुमारी द्वितीय तथा आईडियल हाईस्कूल तरवारा की मानसी गुप्ता को तृतीय स्थान प्राप्त हुए।तथा नर्सरी में सान्वी शिखर प्रथम,प्रतिमेश निधि द्वितीय एलकेजी में प्रियांश गौतम प्रथम,अधिराज सोनी द्वितीय तथा यूकेजी में राजलक्ष्मी प्रथम, आदित्य द्विवेदी द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सभी विजेताओं को मुख्य अतिथितों के द्वारा प्रमाण-पत्र,मेडल से सम्मानित किया गया। मौके पर डा • पंकज चौरसिया, बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ पचरूखी के सचिव जयप्रकाश सिंह, अनु सिन्हा,नीतू कुमारी बैजनाथ, गीता दूबे,लक्ष्मी कुमारी, आकांक्षा कुमारी, पुष्पा कुमारी, शालू कुमारी, रहमान सर,ज्ञानप्रकाश सर सहित सभी शिक्षक उपस्थित थे।
