सिवान दरौली प्रखंड क्षेत्र में मुसलमान समुदाय के लोगों द्वारा त्याग और बलिदान का पर्व बकरीद मनाया गया। हालांकि कोरोना के कारण पिछले 2 वर्षों से बकरीद की नमाज घरों में अदा की जा रही। परंतु इस बार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मुस्लिम भाई बकरीद की नमाज मस्जिदों में अदा की। बकरीद पर्व को लेकर बच्चो में एक अलग खुशी देखने को मिली। मो. रिजवान ने बताया कि ईद अल-अज़हा अर्थात बकरीद जिसका मतलब कुर्बानी की ईद है। इस्लाम धर्म में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख त्यौहार है। मान्यता के अनुसार हज़रत इब्राहिम अपने पुत्र हज़रत इस्माइल को इसी दिन खुदा के हुक्म पर खुदा कि राह में कुर्बान करने जा रहे थे, तो अल्लाह ने उसके पुत्र को जीवनदान दे दिया, जिसकी याद में यह पर्व को मनाया जाता है। इस दिन बकरे की कुर्बानी दिया जाता है। वहीं दूसरी तरफ बकरीद पर्व को लेकर दरौली में पुलिस प्रशासन भी चौकस दिखी और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए चौक चौराहे ईदगाह समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई।अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें
