दरौंदा। प्रखंड क्षेत्र के आधा दर्जन गांव के किसान धान का बिजड़ा नहीं डाल रहे है. इन किसानों को डर सता रहा है कि फिर पानी आएगी तो उनके लगे लगाए फसल फिर से डूब जाएंगे. पिछले कई वर्षों से सिरसाव, सिरसाव मठिया, पिपरा मठिया, कोडारी खुर्द, दरौंदा एवं पिपरा गांव के किसान अपने खेतों में हजारों रुपए खर्च कर के धान का फसल लगाते हैं. लेकिन बारिश एवं नहर का पानी आने से कई गांवों का पानी इन गांवों के चौर में गिरते है. जिससे सभी फसल डूब जाते है. इसका सबसे बड़ा कारण है छपरा-सीवान मुख्य मार्ग एनएच 531 पर सिरसाव मठिया गांव के समीप पूर्व में लगे पुलिया एनएच सड़क निर्माण के समय बंद कर दिया गया. पूर्व में चौर का पानी खाँड़ के माध्यम से बोहटा में जाकर मिल जाता था. जिससे इस गांव के पानी आसानी से निकासी हो जाती थी. इससे किसानों के धान के फसल की पैदावार अधिक मात्रा में होती थी. अब किसानों के धान एवं गेहूं दोनों फसल नहीं हो पाते हैं. इन क्षेत्रों में पानी जनवरी महीने तक रहती है. जिससे गेहूं की फसल नहीं हो पाती है. बता दें कि पानी निकासी एवं पुलिया के निर्माण के लिए पूर्व में ग्रामीणों द्वारा 531 को कई घंटों तक बंद कर आवागमन बाधित किया गया था. जिसके बाद अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा आश्वासन देकर हटवा दिया गया कि जल्द पुलिया का निर्माण करा दिया जाएगा. लेकिन ग्रामीणों के सड़क से हटते ही उन पर सरकारी काम में बाधा उत्पन्न करने का मामला बताकर प्राथमिकी दर्ज करा दिया गया. लेकिन आज तक पुलिया का निर्माण नहीं हुआ. इस स्थिति को देखते हुए किसान धान का बीजड़ा नहीं डाल रहे हैं.
