रोजगार के लिए परेशान हैं मनरेगा मजदूर,बस्ती जलाल के गांवों में गरज रही है जेसीबी मशीन सोनपुर --सोनपुर अनुमंडल क्षेत्र के दिघवारा प्रखंड के बस्ती जलाल पंचायतों के गांवों मे संपर्क मार्ग निर्माण की बात हो या अमृत सरोवर की खुदाई मजदूरों के स्थान पर जेसीबी से धरल्ले से कराई जा रही है काम।ताजा मामला मंगलवार को चवर की उड़ाही में देखने को मिला जब फोरलेन के उत्तर स्थित नहर की खुदाई दिन के उजाले में जे सी बी से करवाई जा रही थी। वही जब पँचायत के कुछ जागरूक युवाओं ने इसको लेकर विरोध जताते हुए पूछताछ शुरू किया तब जे सी बी चालक पहले तो इसकी सूचना मुखिया के परिजनों को दिया वही बाद में माहौल बिगड़ता देख जेसीबी लेकर भाग खड़ा हुआ। दिन में धरल्ले से चल रही जेसीबी मशीन गरीबों के हक की मजदूरी छीन रही है। गरीब ग्रामीणों को रोजगार और रोटी देने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही मनरेगा योजना जिम्मेदारों की मनमानी की भेंट चढ़ गई है। यहां जेसीबी मशीन से खोद कर मिट्टी डाली जा रही जबकि नियमानुसार यह काम गांव के मनरेगा जॉब कार्ड धारकों के माध्यम से होना चाहिए था।एक तरफ सरकार ने ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों को रोजगार के लिए महानगरों की ओर प्लान ना करें उसके लिए ग्रामीणों को रोजगार गारंटी योजना के तहत रोजगार मुहैया करवाया जा रहा है। किंतु इस योजना में भी ग्राम पंचायतों के जिम्मेदार इस आपदा को अवसर बनाकर अपनी तिजोरी तो भर ही रहे हैं ।वही बेरोजगार ग्रामीणों के हक पर डाका डालते हुए उनसे रोजगार भी छीन रहे हैं। जिसके चलते मजदूरों को रोजगार से वंचित रहना पड़ रहा है। वही मनरेगा अधिकारी अपना स्वार्थ साधते हुए शासन के नियमों का उल्लंघन भी कर रहे हैं। हालांकि दिन के उजाले में दबंगई से काम कराए जाने को लेकर ग्रामीणों में खासा आक्रोश है।जनप्रतिनिधि दिन के उजाले में ही प्रशासनिक अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने को आमादा है और अपने कारनामों को अंजाम दे रहे है। अब देखना यह है कि दिघवारा प्रखंड के बस्ती जलाल पंचायत में मनरेगा मजदूरों के हकमारी पर सबधित अधिकारी कब संज्ञान लेते हैं।
