विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित पुनर्वास केंद्र पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।इसमें माताओं को स्तनपान के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। स्तनपान की आवश्यकता सामान्य और ऑपरेशन से प्रसव होने वाले दोनों बच्चों के लिए है। इसकी जानकारी देते हुए बताया गया कि स्तनपान से बच्चों को निमोनिया तथा दस्त से बचाव होता है। बच्चों का समुचित शारीरिक और मानसिक विकास इससे संभव है। बच्चों के बड़े हो जाने के बाद भी स्तनपान उन्हें विभिन्न बीमारी के खतरों से बचाता है । जन्म से लेकर 6 माह के बच्चे को केवल स्तनपान से ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। 6 माह से ऊपर 24 माह तक के बच्चों को स्तनपान के अलावा ऊपरी आहार देना चाहिए। इस अवसर पर बताया गया कि प्रसव के पश्चात 1 घंटे के अंदर स्तनपान अति आवश्यक है ।जिला पुनर्वास केंद्र पर पुराना नियमों का पालन करते हुए स्वास्थ्य कर्मियों और धात्री माताओं को इसकी जानकारी दी गई। इस अवसर पर लोगों को स्तनपान के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न प्रकार के नारा और पोस्टर का प्रदर्शन भी किया गया। प्रशिक्षण शिविर एफडी मीनाक्षी कुमारी ,सीबीसी प्रभात कुमार ,केयर टेकर सरबेंद्र कुमार , मुकेश पाण्डेय ,नोडल पदाधिकारी मो शाकिर खान मौजूद थे।पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।