राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत बुधवार को सीपीआई कार्यालय पंडित कार्यानंद शर्मा शेखपुरा से कोरोना गार्डन के पालन करते हुए बड़ी संख्या में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता कार्यकर्ता और समर्थक माथे पर खाली गैस सलेंडर पेट्रोल के अभाव में पैदल मोटरसाइकिल लेकर विरोध मार्च निकाला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतला के साथ महंगाई विरोधी नारा के साथ पटेल चौक , कटरा चौक ,चांदनी चौक होते समाहरणालय के मुख्य द्वार के सामने पहुंच कर सरकार के जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही कलेक्ट्रेट के सामने नरेंद्र मोदी का पुतला को फूंका । इस मौके पर पार्टी के जिला सचिव प्रभात कुमार पांडेय ने कहा कि केंद्र की भाजपा गठबंधन की सरकार महंगाई रोकने में अक्षम साबित हो रही है। पेट्रोल, डीजल, गैस, दवाइयां एवं सरसों तेल के दामों में बेतहाशा वृद्धि से मध्य वर्ग एवं निम्न वर्ग के लोग एक तरफ परेशान हो रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ सरकारी सहयोग से पूंजीपति वर्ग मालामाल हो रहे हैं। भारत सरकार कल्याणकारी स्वरूप को विलोपित कर व्यापारिक स्वरूप धारण कर लिया है ।कोविड- 19 के महामारी के दौर में आम आदमी के आय में भारी गिरावट आई है। ऐसी स्थिति में जरूरी सामानों के दाम अस्थिर होनी चाहिए किंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उल्टा हो रहा है। वर्ष 2013 से 14 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 46 होकर ₹60 प्रति बैरल था। उस समय पेट्रोल का दाम लगभग ₹70 था। आज कच्चा तेल प्रति बैरल ₹32 हो गया है, तो पेट्रोल का दाम ₹100 से पार कर चुका है ।सरसों तेल समेत अन्य खाद्य पदार्थों पर निजी कंपनियों को एकाधिकार के कारण दाम बढ़ रहा है ।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।