आठ अप्रैल को चोरी और फिर बरामदगी के मामले में पुलिस को खेत बिक्री के रूपये की बात पर विश्वास नहीं हो रहा है। एसपी कार्तिकेय शर्मा ने इस सम्बन्ध में सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी दी। प्रेस कांफ्रेंस में साथ में प्रशिक्षु डीएसपी और शेखोपुरसराय थानाध्यक्ष कल्याण आनंद जानकारी दी। प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पुलिस ने रविवार को नाटकीय अंदाज में 13 लाख 54 हजार रूपए बरामद करने में सफलता पाई। दो दिन पूर्व महानंदपुर के अनुज महतो ने 35 लाख रूपये की चोरी की प्राथमिकी दर्ज करायी थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बगल के घर के ही एक नामजद सोनू महतो पिता शंकर राउत को गांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि उसने प्राथमिकी में उल्लेख किया कि उक्त राशि उसने खेत बेचकर घर में रखा था। परन्तु पुलिस को इस बात पर पूरा पूरा विश्वास नहीं है। पुलिस खेत बेचने के कागजातों की जाँच कर रही है। प्रेस कांफ्रेंस में इस मामले का खुलासा करते हुए बताया गया कि सोनू और अनुज एक साथ साईबर ठगी का काम करते थे। लेकिन बीच में दोनों के बीच मनमुटाव हो जाने के कारण ठगी का धंधा अलग अलग करने लगे। इसी क्रम में गिरफ्तार सोनू ने अनुज के घर से ठगी के 35 लाख रुपए चुरा लिया। चुराए गए रुपयों में अन्य साथियों के बीच कुछ लाख बांटने के बाद बरामद किए गए 13 लाख से अधिक रुपयों को एक सहयोगी के यहां छुपा रखा था। पुलिस इस सम्बन्ध में गिरफ्तार अभियुक्त और प्राथमिकी के सूचक दोनों से सघन पूछताछ करने में जुटी है। पुलिस इस मामले को साइबर अपराध से जोड़कर ही देख रही है। प्रेस कांफ्रेंस में इस मामले में और लोगो के संलिप्ता की जाँच की जा रही है।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
