सावित्रीबाई फुले कोचिंग स्थान मल्हीपुर में है उसी सेंटर में दलित आदिवासी मुस्लिम बच्चे को फ्री में शिक्षा दी जाती है उसी सेंटर के एक छोटा सा बच्चा जो दो क्लास में पढ़ता है वे अपने कक्षा का एक कविता सुनाया