अगर कडी मेहनत करने का जज्बा हो तो पत्थर पर भी दूब उग सकता है।कुछ ऐसा ही कर दिखाया है बगोदर प्रखंड बेको पूर्वी पंचायत के मेहनतकश किसान बैजनाथ साव ने किया है। जो जमीन वर्षों से बंजर था।और आज तक हल नहीं चला था।उस जमीन पर बैजनाथ ने खेती करके मिशाल पेश किया है।और वहां फसल लहलहा रहा है। जो वर्षों से बंजर व बेकार पडी तीन एकड जमीन में बैंगन टमाटर व मिर्ची की फसल लहलहा रहा है। टमाटर फल गया है।पकना बाकी है।जबकि बैंगन व मिर्ची फलना शुरू हो गया है।एका सप्ताह में बैंगन निकलाना शुरू हो जायेगा।और खेती से अच्छी आमदनी की उम्मीद है।बैजनाथ साव दूसरे प्रदेशों में रहकर ड्राइवरी का कार्य करके अपने परिवार का भरन पोषण करता था।कोरोना काल में लाॅकडाउन के समय घर लौटा।तो इसके रोजगार की समस्या उत्पन्न हो गया था।इन्होंने जागरण से बताया कि लाॅकडाउन मे रोजगार की समस्या उत्पन्न हो गई थी।जिसके बाद इन्होंने खेती करने का मन बनाया।और बाप दादा की वर्षों से बंजर व बेकार पडा अशनवनी में टांडनुमा जमीन पर टमाटर बैगन व मिर्ची की फसल लगाकर खेती करना शुरू कर दिया।जो फिलहाल फसल लहलहा रहा है। बताया कि एक सप्ताह में सब्जी निकलना शुरू हो जायेगा।जिसको स्थानीय बाजार में सब्जी बेचगें औंर उम्मीद है कि सब्जी से अच्छी आमदनी होगी।इससे परिवार का अच्छी तरह से भरन पोषण कर लेगें।और दुसरे प्रदेश मजदूरी करने नहीं जायेगे। बैजनाथ साव ने बताया अगर किसी प्रकार की सरकारी सुविधा मिल जाता तो और बेहतर ढंग से खेती करगें।
