कोरोना अब रोग न रहकर हौव्वा बन गया है। नतीजतन अन्य किसी भी रोग से ग्रसित मरीज को रांची का कोई भी अस्पताल भर्ती नही लेना चाहता। अंततः रोगी मरीज समुचित इलाज के अभाव में तड़प तड़प कर दम तोड़ देने को विवश हो जाता है। कुछ ऐसा ही घटना गिरिडीह की उपनगरी पचम्बा के अनिल कंधवे के साथ घटित हुई और उन्होंने इलाज के अभाव में तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया। विस्तृत खबर की जानकारी हेतु ऑडियो पर क्लिक करें और सुनें पूरी खबर।