गुरुग्राम से एक श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि अक्सर ऐसा नहीं होता है कि दोस्त हमारे हैसियत के हिसाब से हो। आजकल के माहौल में कहीं-कहीं ऐसा देखने को मिलता है कि दोस्त एक जैसे नहीं रहे । कुछ दोस्त ऐसा सोचते है कि हमारी दोस्ती अपनी हैसियत के लोगो से हो। लेकिन अधिकांश दोस्त सोचते है कि अगर हमारा दोस्त मुसीबत में है , तो वो उसकी मदद करते है और उसके सुख-दुःख में काम आते है।