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महुदा,धनबाद से बीरबल महतो जी मोबाइल वाणी के मध्यान से कहते है कि झारखण्ड में लघु उद्योग नहीं के बराबर है, इसका मुख्य कारण है जागरूकता की कमी । बिचौलियों के कारण ही लघु उद्योग ठीक से नहीं चल रहा है।अगर सभी के पास सही जानकारी होता और अगर बिचौलियाँ नहीं होते तो राज्य में लघु उद्योग आज प्रगति के पथ पर होते। यहाँ कोई भी लोग बेरोजगार नहीं होते,इसके वजह से लोग पलायन कर रहे है,यह बहुत दुःख की बात है। अतः इनका सरकार से सवाल है कि झारखण्ड खनिज सम्प्रदायों से परिपूर्ण होते हुए भी यहाँ के रहने वाले लोग गरीब क्यों है ? इस पर सरकार को ध्यान देने की जरुरत है, ताकि लोगो को रोजगार प्राप्त हो सके।
जिला पूर्वी सिंघभूम के पोटका प्रखंड से चक्रधर भगत मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि जागरूकता एवं शिक्षा के अभाव के कारन लघु ऋण उधोग में गड़बड़ी होती है।और इसी शिक्षा के अभाव का लाभ बिचौलिया उठाते है।बिचौलिया जो पढ़े लिखे होते है वे बैंक मैनेजर,कर्मियों के साथ सम्मिलित हो कर में कमीशन जैसे 50 हजार में 10 हजार तथा 1 लाख में 20 हजार इस तरह लघु ऋण में कमीशन बाटते है।और इस तरह जल्द से जल्द ऋण पास करवाते है परन्तु सही कोशिश करने वाले युवा अपने लाइन में खड़े रह जाते हैं और बिचौलिया बिना किसी मेहनत से लोन पास करवाकर अपना कमीशन रख लेते हैं।
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