झारखण्ड राज्य के धनबाद ज़िला से अर्जुन महतो ने धनबाद मोबाइल के माध्यम से बताया कि अच्छी शिक्षा व्यवस्था के अभाव में अभिभावक अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य को देखते हुए निजी विद्यालयों की रुख कर रहे हैं। उच्च शिक्षा प्राप्त करने की दृष्टि से बच्चें ,सरकारी विद्यालयों की तुलना में निजी विद्यालयों की तरफ़ आकर्षित होते जा रहे हैं। देखा जाता हैं कि लोग सरकारी नौकरी तो करते हैं पर जब बात आती हैं अपने बच्चों को शिक्षा ग्रहण करवाने की ,तो निजी विद्यालयों को प्राथमिकता देते हैं। मुख्य कारण हैं ,सरकारी स्कूलों में अच्छी शिक्षा व्यवस्था का अभाव व शिक्षकों की लापरवाही। सरकारी शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा देने से कही ज़्यादा अपने अतिरिक्त कार्य पर ध्यान देते हैं। शिक्षक विद्यालय तो पहुँचते हैं पर अपनी उपस्थिति दर्ज़ करने के तुरंत बाद ही अपने अपने कार्य करवाने के लिए प्रखंड व ज़िला कार्यालय के चक्कर काटते रहते हैं। शिक्षकों की यही लापरवाही के कारण ही ग़रीब तबके के बच्चे भी निजी विद्यालयों में अपना दाख़िला करवाना उचित समझते हैं।

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

जिला धनबाद से बीरबल महतो मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि झारखण्ड में भरस्टाचार चरम सीमा पर पहुँच गया है,कोई भी काम बिना घुस के नहीं हो रहे है।इस बात को मुख्यमंत्री तक को पता है कि कोई भी काम घुस के बिना नहीं हो सकता है.इसलिए सबसे पहले इसपर रोक लगाना चाहिए क्योकि जबतक भरस्टाचार पर रोक नहीं लगेगी तबतक राज्य का विकास संभव नहीं है।वही भरस्टाचार सभी सरकारी क्षेत्र में देखा जाता है फिर चाहे वह मनरेगा,जाति प्रमाण पत्र बनाने के विषय में या फिर रोड के विकास की बाते हो,किसी भी विकास में कुछ भी कार्य करवाने में घुस चाहिए होता है.जिसकारण भरस्टाचार चरम सीमा पर पहुँच रही है।इसलिए सरकार सबसे पहले भरस्टाचार को रोकने का काम करे।

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.