झारखण्ड राज्य के धनबाद जिला के बाघमारा प्रखंड से बीरबल महतो कहते है कि नशा एक अभिशाप है, यह एक ऐसी बुराई है, जिससे इंसान का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है। नशा अब एक राष्ट्रीय विकराल समस्या बन गयी है, नशे से आज स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों से लेकर बडे़-बुजुर्ग और विशेषकर युवा वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहे है।आज कल अक्सर ये देखा जा रहा है कि युवा वर्ग इसकी चपेट में दिन प्रतिदिन आ रहा है वह तरह-तरह के नशे जैसे- तम्बाकू, गुटखा, बीडी, सिगरेट और शराब के चंगुल में फंसते जा रहे हैं।साथ ही फ्लूड और स्मैक का सेवन भी उनके लिए एक फैशन सा बन गया है, जिसके कारण उनका परिवार तो बर्बाद होता ही है साथ ही उनका कैरियर भी चौपट हो रहा है। इन सभी मादक प्रदार्थों के सेवन का प्रचलन किसी भी स्थिति में किसी भी सभ्य समाज के लिए वर्जनीय होना चाहिए।स्थानीय लोगों के मुताबिक युवाओं में बढ़ती नशाखोरी एक बड़ा अभिशाप है जो इसके चंगूल में फंस जाता है ,वह अपने मौत को गला लगाने का काम कर रहा है। इसके लिए सबसे पहले युवाओं के परिजनों को उनपर निगरानी रखनी चाहिए। साथ ही प्रशासन और पुलिस को भी बढ़ती नशाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए सफल प्रयास करने चाहिए।
