खुटौना प्रखंड मधुबनी बिहार
मधवापुर प़खंड के गरीब परिवार का खाद्य सुरक्षा योजना की लाभ जुलाई महीने बीत जाने पर भी अगस्त में भी अब तक रासन अनाज नहीं मिलने पर गरीब परिवार जन वितरण प्रणाली पर है आक्रोश
बिहार राज्य के मधुबनी जिला के खजौली प्रखंड से रेणु झा कहती हैं कि भकुआ महादेव मंदिर परिसर में कोरोना वायरस रिलीफ वितरण शिविर लगाकर एक सौ प्रवासी मजदूरों के बीच कोरोना किट का वितरण किया गया। लोगों का पलायन गांव की ओर हुआ है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रवासियों के बीच कोविड—19 रिलीफ वितरण का निर्णय लिया गया है। किट में पांच किलो चावल, दो किलो आंटा, एक किलो चूड़ा, आधा किलो सरसो का तेल, एक किलो नमक, एक किलो चीनी, ढ़ाई किलो आलू, बिस्कुट, साबुन दिया गया। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
बिहार राज्य के मधुबनी जिला से माधुरी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही है कि सरकार द्वारा बोलै गया था की लॉक डाउन के 9 दिन के अंदर राशन कार्ड बनना शुरू हो जायगा फिर सभी जरूरतमंद राशन ले सकेंगे परन्तु एक महीने के बाद भी राशन कार्ड नहीं बना है जिससे बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।
Transcript Unavailable.
बिहार राज्य के मधुबनी ज़िला के बाबूबरही से हमारे एक श्रोता ने मधुबनी मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि उनका राशन कार्ड नहीं है। सरकार द्वारा निशुल्क सुविधा कुछ नहीं मिली
Transcript Unavailable.
राशन कार्ड जिन परिवार के पास नहीं हैं उन्हें सरकार के द्वारा कोई भी सुविधा नहीं मिल पा रही है क्या इस लॉक डॉन में जिनके पास राशन कार्ड है उन्हें ही समस्या है और जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उन्हें खाना पीना कोई चीज की जरूरत नहीं है इस लॉक डाउन में
हरडी पंचायत के बटौआ गांव में डीलरों द्वारा हो रही मनमानी वहां पर 5 किलो अनाज कहां कर सिर्फ 4 किलो अनाज दिया जा रहा है दलित परिवार से मिलने पर बताया गया कि वहां पर 5 किलो अनाज कह कर देते हैं और घर पर जाने के बाद तोलने पर सिर्फ 4 किलो अनाज ही मिलता है।
अंधराठाढ़ी प्रखंड के हरी पंचायत के बटौआ गांव में एक ऐसे दिव्यांग पति-पत्नी हैं जो 4 बच्चों के माता-पिता हैं उनके पास ना राशन कार्ड है और ना ही कोई सरकारी सुविधा उनको मिलती है और लॉक डाउन में वह भूखे रहने को विवश हैं
