राज्य में तिल, तीसी और मोटे अनाज के बीज की कमी जल्द पूरी होगी। कृषि विभाग के फार्म पर इन फसलों का फाउंडेशन बीज तैयार किया जाएगा। इसके अलावा खरीफ, गरमा और रबी की अन्य फसलों के बीज का भी उत्पादन किया जाएगा। बीज उत्पादन में बिहार को आत्मनिर्भर बनाने की सरकार की कवायद चल रही है। इसी के तहत राज्य के 237 कृषि फार्म पर विभिन्न फसलों का फाउंडेशन बीज तैयार किए जा रहे हैं। इसमें 230 अनुमंडल बीज गुणन क्षेत्र और सात जिला स्तरीय कृषि फार्म हैं। खरीफ, रबी और गरमा की ज्यादातर फसलों की खेती कर उन्नत किस्म के बीज उपजाए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने चौदह करोड़ 91 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। इस बार तिल, तीसी और मोटे अनाज के बीज पर ध्यान दिया गया है। सोयाबीन, मड़ुआ, सांवा के साथ ही बाजारा के फाउंडेशन बीज भी तैयार किए जाएंगे। इसके उपयोग से फसल उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ आय में भी वृद्धि होगी। किसानों को बीज आसानी से मिल जाएंगे।
