गोला वाली मां दुर्गा का पट खुलते ही मां दुर्गा की पूजा अर्चना हेतु श्रद्धालुओं का तांता लग गया. इसके पूर्व लगभग 11 बजे के करीब विद्वान पंडितों द्वारा पूरे बेदिक पद्धति से मां दुर्गा की पूजा कर तथा प्राण प्रतिष्ठा कर मां दुर्गा को पिंडी पर आरूढ़ कराया गया उसके उपरांत मंदिर का पट श्रद्धालुओं के पूजा एवं दर्शन के लिये खोल दिया गया.वही इस मौके पर गोला दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों द्वारा सभी श्रद्धालुओं से मास्क लगाने तथा का से कम दो गज की दूरी बनाकर पूजा करने की अपील की गई.श्रद्धालुओं ने इसका पालन भी किया.वही बीते शुक्रवार की रात गोला मंदिर के पुजारियों द्वारा मंदिर के सामने स्थित बेल के बृक्ष के नीचे मां बेलभरणी की पूरे विधि विधान के साथ आवाह्न पूजा कर उन्हें दुर्गा मंदिर स्थित पिंडी पर बैठाया गया.बताते चलें कि इस साल पुलिस प्रशासन के दिशा निर्देश पर अमल करते हुए मंदिर परिसर में ना तो पंडाल लगाया गया और ना ही लाइटिंग तथा साज सज्जा की गई.वही मंदिर परिसर के मैदान में दुकानें भी समिति सदस्यों द्वारा रोक लगा देने पर ब्यवसाइयों ने नही लगाई जिस कारण दसहरा की रौनक फीका पड़ा.मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित चक्रपाणी मिश्र ने बताया कि आगामी शनिवार को रात्रि 11 बजे से निशा बलि तथा रविवार सुबह 7 बजे से नवमी यानि छेद की बलि दी जाएगी. वही सोमवार को बिजयदशमी के दिन संध्या को प्रतिमा विसर्जन किया जाएगा.मौके पर कन्हाई लाल गुप्ता ,भुवनेश्वर पासवान,अमरनाथ चौधरी, अर्जुन यादव,रवि रंजन पांडे,पुजारी चक्रपाणी मिश्र,चन्द्रधर मिश्र,महेश मिश्र सहित दर्जनों लोग मौजूद थे.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
