शिक्षा का माध्यम कौन सी भाषा होनी चाहिए, यह तय करने में कठिनाई के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में समस्याएँ होती हैं, ऐसी परिस्थिति में ए.सी.एस. ग्लोबल स्कूल ने अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध करवाकर पुनीत कार्य किया है, इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है, उक्त उद्गार उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मन्त्री (स्वतन्त्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने शहर से दूर ग्रामीण अंचल में संचालित हो रहे ए.सी.एस. ग्लोबल स्कूल में छात्र-छात्राओं को वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह कार्यक्रम के दौरान कही।  इस अवसर पर श्री सिंह ने कहा कि छात्रों को शिक्षित करने के लिए, शिक्षकों को उनकी पढ़ने, लिखने, सुनने और बोलने जैसी भाषा क्षमताओं को देखने में सक्षम होना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों के सामने शिक्षक प्रशिक्षण, शिक्षण रणनीतियों, शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया में प्रौद्योगिकी के उपयोग के ज्ञान के संदर्भ में चुनौतियाँ हैं।

सुनिए एक प्यारी सी कहानी। इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की समझ बढ़ा सकते है। ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? क्या आपके पास भी कोई नन्ही कहानी है? हमें बताइए, फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।