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रायबरेली। भारतीय जनता पार्टी शिक्षक प्रकोष्ठ रायबरेली के जिला संयोजक दिलीप द्विवेदी के नेतृत्व में ेएक प्रतिनिधि मंडल ने निदेशक (ए) फिरोज गांधी इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी रायबरेली डॉक्टर दिग्विजय सिंह चौहान से उनके कार्यालय में जाकर सौहार्दपूर्ण मुलाकात की। डॉक्टर चौहान को शिक्षा के क्षेत्र में समाज को विशिष्ट योगदान देने पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष बुद्धिलाल पासी, जिला संयोजक दिलीप द्विवेदी, सहसंयोजक अजय सिंह चंदेल, प्रधानाचार्य महासभा के जिला संयोजक नरेंद्र बहादुर सिंह की उपस्थिति में स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्र एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया एवं नव वर्ष की मंगल कामनाएं प्रेषित की गयी।
-------------------------------------- पार्टी टिकट देती है तो मजबूती के साथ लडंूगा चुनाव- राघवेन्द्र सिंह रायबरेली। पूर्व सांसद एवं हाईकोर्ट अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह का राम मंदिर आंदोलन से गहरा नाता रहा है। विपरीत हालात में वह संगठन के साथ खड़े हुए। यहीं नहीं राममंदिर आंदोलन में कार सेवकों के पक्ष में मजबूती के साथ पैरवी भी की। इसी का नतीजा रहा कि भाजपा ने उन पर विश्वास जताया और हरदोई के शाहाबाद सीट से उम्मीदवार बनाया। संगठन के फैसले को सही साबित करते हुए जीत हासिल की। एक बार फिर उन्होंने रायबरेली में मजबूती के साथ दावेदारी प्रस्तुत की है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा है कि पार्टी यदि टिकट देती है तो रायबरेली में मजबूती के साथ चुनाव लड़कर कमल खिलाने का काम किया जायेगा। उनका कहना है कि रायबरेली लोकसभा क्षेत्र वीवीआईपी होने के बावजूद काफी पिछड़ा है। भाजपा सरकार बनने के बाद ही यहां पर कुछ काम हुए है। स्थानीय सांसद द्वारा मजबूती से पैरवी नहीं करने के कारण यह क्षेत्र वर्षों से उपेक्षित है। इस बार यहां पर कमल जरूर खिलेगा। इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी सीटों पर भाजपा प्रत्याशी का जीतना तय है। यहां पर भी लोग अब कांग्रेस के पंजे से मुक्त होना चाहते हैं। बदलाव की बयार चल रही है। कमल खिलने से कोई नहीं रोक सकता है।
रायबरेली । जिला जु-जित्सु संघ रायबरेली के द्वारा 4 फरवरी 2024 दिन रविवार को मोतीलाल नेहरू स्टेडियम रायबरेली में आगामी जु-जित्सु राष्ट्रीय स्तर के लिए राज्य स्तरीय चयन ट्रायल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है जिला जु-जित्सु संघ रायबरेली के सचिव/पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जो भी खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग करना चाहते हैं वह जिला जु-जित्सु संघ कार्यालय रायबरेली में संपर्क कर सकते हैं इस प्रतियोगिता में प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रयागराज, कौशाम्बी, लखनऊ, सहारनपुर बरेली इत्यादि जनपदों से खिलाड़ियों की आने की सम्भावना है।
रायबरेली खेती में पिछड़ा माना जाने वाला शहर अब हो रहा हाईटेक
रायबरेली | जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने स्थायी और अस्थायी गोशालाओ के निरीक्षण के लिए बनाए गए नोडल अधिकारियों के साथ विकास भवन स्थित महात्मा गांधी सभागार में बैठक की। उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि निरीक्षण में दिए गए बिंदुओ के आधार पर जो भी रिपोर्ट नोडल अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई जाए उसकी भी उच्च अधिकारियों के द्वारा जांच की जाए। इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। कहा कि निरीक्षण में पशुओं की चिकित्सा पर विशेष ध्यान दिया जाए। रिपोर्ट में खानापूर्ति नहीं चलेगी। यदि कोई गोवंश बीमार है तो उसका चिकित्सकीय विवरण अवश्य देखा जाए तथा अभी तक इस मामले में क्या-क्या कार्रवाई की गई है उसकी भी जांच की जाए। पशुओं के चारा स्टाक का गंभीरता से निरीक्षण किया जाए। हरा चारा अवश्य दिया जाए। अन्यथा संबंधित के खिलाफ कार्यवाही की जाए। निरीक्षण के दौरान गोशालाओं की समस्याओं को छोटी और बड़ी समस्यों में बांट के रिपोर्ट तैयार की जाए। शासन के स्तर पर इसे गंभीरता से लिया जाता है अतः इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न कि जाए। नोडल अधिकारी अपने-अपने गोशालाओं की समय से रिपोर्ट भेजेंगे। जिन छब्बीस बिंदुओं पर रिपोर्ट देनी है उनमे गोशालाओं के शेड,चारा,पानी, प्रकाश,चिकित्सा और साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पूजा यादव, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल कुमार के अतिरिक्त सभी नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
आज 2 फरवरी को जिला चिकित्सालय में टीवी क्लिनिक यूनिट में टीवी कार्यकर्ताओं की समीक्षा बैठक की गई जिसमें उनको निर्देशित करते हुए जिला छह रोग अधिकारी डॉक्टर अनुपम सिंह ने कहा कि 2025 में टीवी उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है इसके लिए हम सभी लोगों को पूरी तरह अपना 100% योगदान देना होगा तभी यह लक्ष्य संभव है और सभी टीवी रोगियों के नोटिफिकेशन और निश्चय पोषण योजना आज के विषय में डिटेल लेकर उन्हें अपडेट किया गया इस कार्यक्रम में टीवी यूनिट के समस्त स्टाफ वह कार्य क्षेत्र में काम कर रहे एसटीएस उपस्थित रहे
एचआईवी संक्रमितों के रक्त की जांच के लिए सीडी-4 मशीन का परिचालन शुरू जिला अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने किया शुभारंभ रायबरेली, 2 फरवरी 2024 राणा बेनी माधव जिला अस्पताल के एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी(एआरटी) सेंटर में सीडी-4 मशीन का शुक्रवार को उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. महेंद्र मौर्य ने किया | इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि एच आई वी संक्रमित व्यक्तियों को दी जाने वाली औषधियों की प्रभावशीलता को जांचने के उद्देश्य से सीडी-4 की जांच किया जाना महत्त्वपूर्ण हैं । इस अवसर पर मौजूद ए आर टी केंद्र के नोडल अधिकारी डा प्रदीप कुमार ने बताया कि जिले में संचालित हो रहे ए आर टी केंद्र में वर्तमान में 1010 व्यक्ति निःशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ ले रहे है | अब सीडी-4 की जांच केंद्र पर ही उपलब्ध होने से उन्हें इसका त्वरित लाभ मिल सकेगा मशीन को संचालित करने वाले प्रयोगशाला प्राविधिज्ञ भूपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया की इससे पूर्व एचआईवी संक्रमितों के रक्त का नमूना लेकर लखनऊ स्थित मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता था जिससे सीमित संख्या में ही जांच किया जाना संभव हो पाता था परंतु नई मशीन लग जाने से कार्य में और तेजी आयेगी । इस अवसर पर वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डा अल्ताफ हुसैन , जिला अस्पताल की मैट्रन श्रीमती अर्चना पांडेय, क्वालिटी मैनेजर डा बी आर यादव , केंद्र के परामर्शदाता अमित दुबे , डाटा मैनेजर हिमांचल सिंह , फार्मासिस्ट प्रियंका गुप्ता , केयर कोऑर्डिनेटर विजय कुमार मौर्य उपस्थित रहे ।
बचाव का एकमात्र विकल्प फाइलेरियारोधी दवाओं का सेवन: डॉ. रितु - आईडीए अभियान को लेकर विद्यार्थियों को किया गया जागरूक लखनऊ, 2 फरवरी 2024। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जनपद में 10 से 28 फरवरी तक सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान चलाया जाएगा। इसी क्रम में शुक्रवार को लखनऊ विश्वविद्यालय स्थित समाज कार्य विभाग में विद्यार्थियों को आईडीए अभियान के बारे में जानकारी देने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ. रितु श्रीवास्तव ने कहा कि फाइलेरिया का दूसरा नाम हाथी पांव है। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है। इससे बचाव का एकमात्र विकल्प फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन है। सर्वजन दवा सेवन अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों को अपने सामने ही फाइलेरिया रोधी दवाएं आइवरमेक्टिन, डाईइथाईल कार्बामजीन और एल्बेंडाजोल खिलाएंगे। आप सब दवाओं का सेवन जरूर करें। मैं भी पिछले पांच साल से इन दवाओं का सेवन कर रही हूं। इससे मुझे कोई समस्या नहीं हुई है। यह दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रमाणित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि दवा खाने के बाद जी मितलाना उल्टी जैसे समस्याएं होती है तो इसका मतलब है कि शरीर में फाइलेरिया के परीजीवी थे और उनके मरने के परिणामस्वरूप यह प्रतिक्रियाएं होती हैं। यह अपने अप ठीक हो जाती हैं यदि कोई समस्या है तो स्वास्थ्यकर्मी या रैपिड रिस्पॉन्स टीम से संपर्क करना चाहिए। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि फाइलेरियारोधी दवा का सेवन एक वर्ष के बच्चों, गर्भवती और अति गंभीर बीमार को छोड़कर सभी को करना है। आइवरमेक्टिन ऊंचाई के अनुसार खिलाई जाएगी। एल्बेंडाजोल को चबाकर ही खानी है। एक से दो वर्ष की आयु के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली खिलाई जाएगी। डाईइथाइल कार्बामाजिन (डीईसी) की गोली उम्र के हिसाब से खिलाई जाएगी। दो साल से कम उम्र के बच्चों को यह गोली नहीं दी जाएगी। दो से पांच साल तक की उम्र के बच्चों को एक गोली, पांच से दस साल तक को दो गोली, 10-15 साल के लोगों को तीन और 15 साल से अधिक के लोगों को चार गोली खिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया बीमारी का असर स्वास्थ्य पर तो पड़ता ही है इसके अलावा रोजी रोटी और सामाजिक जीवन पर भी पड़ता है। यह आनुवंशिक रोग नहीं है बल्कि मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। फाइलेरिया से संक्रमित एक व्यक्ति अन्य स्वस्थ लोगों में संक्रमण का कारण बन सकता है। इस मौके पर प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल (पीसीआई) के प्रतिनिधि सहित शिक्षक और छात्र मौजूद रहे।
फाइलेरियारोधी दवा पूरी तरह सुरक्षित : मुख्य चिकित्सा अधिकारी 10 फरवरी से चलेगा आईडीए अभियान उन्नाव, 2 फरवरी, 2024 | जनपद में 10 फरवरी को जब आशा दीदी घर की कुंडी खटखटायें और कहें कि आओ सब लोग और फाइलेरिया की दवा खाओ तो मना मत करिएगा कि नहीं हम नहीं खाएंगे | घर पर दो साल से कम आयु के बच्चों, गर्भवती और अति गंभीर बीमारी से पीड़ित को छोड़कर सभी लोग दवा खाएं | किसी भी तरह का बहाना मत बनाइयेगा | यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सत्यप्रकाश का | मुख्य चिकित्सा अधिकारी कहते हैं कि राष्ट्रीय फाइलेरिया उनमूलन कार्यक्रम के तहत जनपद के 10 ब्लॉक बांगरमऊ, बिछिया, बीघापुर, फतेहपुर चौरासी, मियांगंज, सफीपुर, पुरवा, नवाबगंज, गंज मुरादाबाद और सुमेरपुर में 10 से 28 फरवरी तक सर्वजन दवा सेवन(आईडीए) अभियान चलेगा, बाकि आठ ब्लॉक उन्नाव शहरी क्षेत्र, असोहा, हसनगंज, हिलौली, शुक्लागंज, औरास, सिकंदर सिरौसी और सिकंदरपुर कर्ण में नाइट ब्लड सर्वे के दौरान एक प्रतिशत से भी कम केस मिले हैं, इसलिए इन क्षेत्रों में यह अभियान नहीं चलाया जाएगा। आईडीए अभियान के तहत फाइलेरियारोधी दवा आइवरमेक्टिन, डाईइथाईल कार्बामजीन और एल्बेंडाजोल खिलाई जाएगी | फाइलेरियारोधी दवा खाएं और जनपद को फाइलेरियामुक्त बनाने में सहयोग करें | अभियान के नोडल अधिकारी डा जे.आर.सिंह ने बताया कि वह पिछले सात साल से फाइलेरियारोधी दवाओं का सेवन कर रहे हैं, उन्हे दवा खाने के बाद कोई समस्या नहीं हुई | दवा पूरी तरह से सुरक्षित है और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रमाणित हैं | यह मत समझें कि बिल्कुल स्वस्थ हैं तो दवा का सेवन क्यों करें | यह बीमारी फाइलेरिया परजीवी से संक्रमित मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होती है जब स्वस्थ लोगों को फाइलेरिया संक्रमित मादा क्यूलेक्स मच्छर काटता है तो स्वस्थ लोग भी संक्रमित हो जाते हैं और इसके लक्षण पाँच से दस साल बाद और कभी-कभी तो पंद्रह साल के बाद दिखाई पड़ते हैं | तब तक देर हो चुकी होती है | फाइलेरिया ऐसी बीमारी होती है जिसका कोई इलाज नहीं है | इसका केवल प्रबंधन ही किया जा सकता है | व्यक्ति के शरीर में फाइलेरिया के परजीवी होते हैं और वह जाने अनजाने अन्य लोगों को संक्रमित करता रहता है | जिला मलेरिया अधिकारी रमेश यादव ने बताया कि आईडीए अभियान के तहत लगातार तीन साल तक साल में एक बार फाइलेरियारोधी दवाओं का सेवन कर इस बीमारी से बचा जा सकता है | कुछ व्यक्तियों में दवा सेवन के बाद इसके प्रभाव जैसे चक्कर आना, जी मितलाना और उल्टी जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं इसका मतलब है व्यक्ति में फाइलेरिया के परजीवी मौजूद थे और उनके मरने के परिणाम स्वरूप यह प्रतिक्रिया हुई है | इसलिए परेशान न हों, यह थोड़ी देर में अपने आप ठीक हो जाते हैं | यदि फिर भी कोई समस्या महसूस होती है तो आशा कार्यकर्ता या रैपिड रिस्पॉन्स टीम(आरआरटी) से संपर्क करें |
