हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। हो जाइए तैयार, हंसने-हंसाने के लिए
कौशाम्बी। जनपद के ऐतिहासिक मेला को देखने के लिए प्रभाषगिरि पभोषा मे लाखों की भीड उमडी । मेला की चाक-चौबंद सुरक्षा ब्यवस्था को लेकर क्षेत्राधिकारी सदर अभिषेक कुमार सिंह व उप जिलाधिकारी आकाश सिंह ने एक रणनीति के तहत पर्याप्त पुलिस फोर्स को लगा रखा था । जिसकी मानीटरिंग थानाध्यक्ष पश्चिमशरीरा धीरेन्द्र सिंह कर रहे थे। प्रौणिक कथ के अनुसार संसार में प्रकाश फैलाने वाले एवं अंधकार को दूर नष्ट करने वाले भगवान सूर्य देव सभी राशियों पर भ्रमण करते हूए मकर राशि में प्रवेश करते है 14 /15जनवरी के दिन भारत वर्ष में मकरसंक्रांति का पर्व बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है अर्थात सूर्य देव के मकर राशि में आने पर लोग खिचड़ी का पर्व मनाते हैं इसी पर्व पर कौशांबी जनपद के प्रभाषगिरि पभोषा अर्थात सूर्य पुत्री मां यमुना नदी के किनारे इतिहासिक मेले का आयोजन किया जाता है 14 जनवरी को सभी जनपद वासियों व गैर जनपद वासियों को इस दिन का इंतजार रहता है । इस त्योहार पर प्रभास गिरी का मेला बहुत ही महत्वपूर्ण है इस मेले को देखने के लिए लाखों की भीड आती है । कौशाम्बी के अलावा फतेहपुर चित्रकूट बांदा प्रयागराज से लोग प्रभाष गिरि का मेला देखने आते। मेले का आकर्षण यहां बिकने वाली लाठियां व पत्थर के सिलबट्टे व अन्य सामग्रियां है । इस मेले पुरूषों से अधिक महिलाएं आती है जो मेले मे खरीदारी के साथ झूले का आनंद लेती है । मेले मे आने वाले दर्शक यमुना नदी मे स्नान करते है भूंजा लाई चना व मिठाई खाते है । इसके बाद जैन मंदिर व बहुलाधाम मंदिर का दर्शन करते है । प्रभाष गिरि पहाडी के उपर भी काफी लोग चढकर मंदिर का दर्शन व पहाड मे घूमने का आनंद लेते है । मेले के ब्यवस्थापक पूर्व प्रधान व वर्तमान प्रधान प्रतिनिधि सुनील तिवारी मेले मे आने वाले विशिष्ट लोगों व पुलिस फोर्स तथा अधिकारियों कर्मचारियों की ठहरने की व्यवस्था करते है । मेले मे किसी प्रकार की अब्यवस्था न हो इसके लिए एक कमेटी गठित कर वालंटियर लगा दिए जाते है जो पुलिस के साथ मिलकर मेले को सुव्यवस्थित व शान्तिपूर्ण सम्पन्न कराने मे सहयोग करते है। मेले का आयोजन 15 जनवरी को भी होगा क्योंकि मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त सोमवार 15 पन्द्रह जनवरी को ही है ।
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मीठे गुड़ में मिल गए तिल उड़ी पतंग और खिल गए दिल हर पल सुख और हर दिन शांति आप सबके लिए खुशियाँ लाये मकर संक्रांति ! मकर संक्रांति यानी कि सूर्य के एक राशि से दूसरे यानी मकर राशि में प्रवेश करने को मकर संक्रांति कहा जाता है। यह देश के अलग अलग भागों में विभिन्न रूपों में मनाया जाता है। इस दौरान विभिन्न पारंपरिक पकवान या मीठे व्यंजन तैयार किए जाते हैं। मकर संक्रांति को पतंगों का पर्व , संक्रांति, पोंगल, माघी, उत्तरायण, उत्तरायणी और खिचड़ी पर्व आदि जैसे विभिन्न नामों से भी जाना जाता है. यह शीतकालीन दिनों के अंत और लंबे दिनों की शुरुआत का प्रतीक है। भारत के विभिन्न राज्यों में मकर संक्रांति मनाने के अपने अनूठे तरीके हैं, जो देश में परंपराओं और रीति-रिवाजों की विविधता को दर्शाते हैं। यह त्यौहार सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व रखता है, इस पावन अवसर पर मोबाइल वाणी के परिवार की ओर से आप सभी को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएँ।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा ,रबी फसलों में खरपतवार प्रबंधन की जानकारी दे रहे है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें...
सिराथू एसडीएम , सीओ ने उर्स मेला का किया स्थलीय निरीक्षण। एसडीएम , सीओ ने कड़ाधाम पुलिस बल के साथ किया निरीक्षण। उर्स मेला में शान्ति एवं सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर किया निरीक्षण। एसडीएम , सीओ ने दुकानदारों से वार्ता कर शांतिपूर्ण मेला संपन्न कराने की अपील। एसडीएम , सीओ ने निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा दिलाया.
नगर पंचायत दारानगर कड़ा धाम अंतर्गत श्री गंगा प्रसाद साहू इंटर कालेज देवीगंज में धूमधाम से स्वामी विवेकानन्द की जयंती मनाई गई।
दारानगर कड़ाधाम अध्यक्ष प्रतिनिधि ने मकर संक्रांति का उर्स मेले को देखते हुए नगर क्षेत्र में सघन साफ सफाई अभियान चलाया है।उन्होंने नगर कर्मियों के साथ नगर क्षेत्र में साफ सफाई करते हुए नगर वासियों से नगर को साफ सुथरा बनाए रखने की अपील की उन्होंने नगर वासियों से घरों का कूड़ा कचरा नगर पंचायत की कूड़ा गाड़ी में ही डालने की अपील की।
बेसहारा मवेशियों से परेशान किसानों को राहत देने के लिए शासन ने कई स्थायी गौशालाओ का निर्माण कराया है। मवेशियों की संख्या के आगे नाकाफी साबित होने पर इनके आतंक से किसानो की फसले तहस नहस हो रही है , खेतो में बोई फसलों की सुरक्षा के लिए किसान दिन रात रखवाली करने में जुटे है उनका दर्द समझ मवेशियों से निजात दिलाने के लिए शासन ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में अस्थाई गौशाला बनवाने का निर्देश दिया था ।
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