"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ बैगन को कोहरे से बचाने के बारे में जानकारी दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
देश के किसान एक बार फिर नाराज़ दिखाई दे रहे हैं। इससे पहले साल नवंबर 2020 में किसानों ने केंद्र सरकार के द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के रद्द करने के लिए दिल्ली में प्रदर्शन किया था और इसके बाद अगले साल 19 नवंबर 2021 को केंद्र सरकार ने तीनों कानून वापस ले लिए थे, हालांकि इस दौरान करीब सात सौ किसानों की मौत हो चुकी थी। उस समय सरकार ने किसानों की कुछ मांगों पर विचार करने और उन्हें जल्दी पूरा करने का आश्वासन दिया था लेकिन ऐसा अब तक नहीं हआ है। और यही वजह है कि किसान एक बार फिर नाराज़ हैं।
सुनिए एक प्यारी सी कहानी। इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की क्षमता बढ़ा सकते है।
साथियों गर्मी का मौसम आने वाला है और इसके साथ आएगी पानी की समस्या। आज की कड़ी में हम आपको बता रहे है कि बरसात के पानी को कैसे संरक्षित कर भूजल को बढ़ाने में हम अपना योगदान दे सकते है। आप हमें बताइए गर्मियों में आप पानी की कौन से दिक्कतों से जूझते हैं... एवं आपके क्षेत्र में भूजल कि क्या स्थिति है....
हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे।
हम सभी रोज़ाना स्वास्थ्य और बीमारियों से जुड़ी कई अफवाहें या गलत धारणाएं सुनते है। कई बार उन गलत बातों पर यकीन कर अपना भी लेते हैं। लेकिन अब हम जानेंगे उनकी हकीकत के बारे में, वो भी स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद से, कार्यक्रम सेहत की सच्चाई में। याद रखिए, हमारा उद्देश्य किसी बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि लोगों को उत्तम स्वास्थ्य के लिए जागरूक करना है। सेहत और बीमारी को लेकर अगर आपने भी कोई गलत बात या अफवाह सुनी है, तो फ़ोन में नंबर 3 दबाकर हमें ज़रूर बताएं। हम अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जानेंगे उन गलत बातों की वास्तविकता, कार्यक्रम सेहत की सच्चाई में।
मैं ओम प्रकाश गौतम गाँव पहाड़पुल सुदौर का निवासी हूँ बाल कौशाम्बी उत्तर प्रदेश मैं कहना चाहता हूँ कि शिक्षा के विषय स्कूल में बच्चे स्कूल जाते हैं । भोजन कानून द्वारा नहीं पकाया जाता है । कभी खीचड़ी में नमक नहीं होता , कभी सब्जी में तेल नहीं होता , कभी दाल में नहीं होता । मेरे पास लहसुन नहीं है , इसलिए कभी - कभी कच्ची रोटी होती है , कृपया इसके बारे में कानूनी कार्रवाई करें ।
Transcript Unavailable.
कौशाम्बी रेंजर सिराथू के द्वारा सूखे पेड़ का परमिट देकर हरे फलदार बृक्षों को काटने का नायाब तरीका तैयार किया गया हैं! इस तरीके से रेंजर और लकड़ी माफिया के खिलाफ कार्रवाई न हो हरे बृक्षो को बिना किसी भय के काटकर माफिया बेखौफ तरीके से बेच रहे हैं इससे पहले हरे बृक्षों का रेंजर द्वारा रसीद काटकर खुलेआम पेड़ काटने का लाइसेंस दिया जा रहा हैं वन विभाग के अधिकारियों के इस कारनामे से इलाके में प्रतिदिन दर्जनों हरे पेड़ बेखौफ तरीके से काटे जा रहे हैं निखलेश चौरसिया रेंजर के अवैध वसूली का नायाब तरीका उस समय सामने आया जब कोखराज थाना क्षेत्र के शहजादपुर रावंणा मेला मैदान के निकट हनुमान मंदिर के पास दो हरे वृक्ष महुआ के जुर्माना लगाकर लकड़ी माफिया को काटने की खुली छूट दे दिया, इससे सरकार की मंशा हरे वृक्षों को तैयार करने में रेंजर द्वारा पलीता लगाया जा रहा है जिससे पौधा रोपण को गंभीर संकट उत्पन्न है कोखराज थाना क्षेत्र के गंगा कछार में हरे वृक्षों को काटने का सिलसिला प्रतिदिन जारी हैं, इसी परिपेक्ष में वन विभाग के रेंजर निखलेश चौरसिया का नयाब तरीका सामने आया हैं हरे फलदार पेड़ों की कटान वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को फलीभूत हो रहा हैं, हाल ही में शहजादपुर ग्राम सभा के रावंणा मेला मैदान के पास स्थित हनुमान मंदिर के दो हरे महुआ के पेड़ों का रेंजर द्वारा वन माफिया को जुर्माना कर दिया गया, इसी तरह के हरे वृक्षों को काटकर माफिया काली कमाई कर रहे हैं, लकड़ी माफिया की काली कमाई में कई कर्मचारियों का हिस्सा लगना लाज़मी हो गया हैं, उधर पुलिस भी अपनी जेब भरने में पीछे नहीं है रेंजर के इस नयाब तरीके से सरकार की मंशा के बिपरीत हरे वृक्षों को काटकर पर्यावरण को दूषित किया जा रहा हैं, लोगों का आरोप हैं, कि रेंजर निखलेश चौरसिया अपने इस नए तरीके से सैकड़ो हरे आम, महुआ, नीम,के वृक्षों को आरा चलवा कर धराशही करा दिया हैं, क्षेत्र में निखलेश चौरसिया के खिलाफ इस नायाब तरीके को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो रहा है।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ शिमला मिर्च लगाने की विधि के बारे में जानकारी दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
