दोस्तों, महिलाओं के भूमि अधिकार सुरक्षित करने में स्थानीय शासन की भूमिका केंद्रीय है। यदि ग्राम पंचायतें भूमि अधिकार को प्राथमिकता दें, महिलाओं को लाभार्थी सूचियों में शामिल करें, अधिकारियों को प्रशिक्षण दें और समुदाय संगठनों के साथ मिलकर काम करें, तो ग्रामीण भारत में महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण संभव है। स्पष्ट है कि जमीन पर अधिकार सिर्फ कागज़ी नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और स्वतंत्रता का सवाल है — और इसका समाधान गांव से ही शुरू होगा। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- आपके परिवार में जमीन किसके नाम है? क्या महिलाओं का नाम भी उसमें शामिल है *--- क्या आपकी पंचायत ने कभी महिलाओं को जमीन के अधिकार के बारे में कोई जानकारी या बैठक रखी है? अगर हाँ, तो उसका असर क्या रहा?” *--- अगर महिलाओं के नाम जमीन हो जाए, तो आपके हिसाब से उनकी ज़िंदगी में क्या-क्या बदल सकता है?”

दोस्तों, मोबाइलवाणी के अभियान क्योंकि जिंदगी जरूरी है में इस बार हम इसी मसले पर बात कर रहे हैं, जहां आपका अनुभव और राय दोनों बहुत जरूरी हैं. इसलिए हमें बताएं कि आपके क्षेत्र में बच्चों को साफ पानी किस तरह से उपलब्ध हो रहा है? क्या इसमें पंचायत, आंगनबाडी केन्द्र आदि मदद कर रहे हैं?आप अपने परिवार में बच्चों को साफ पानी कैसे उपलब्ध करवाते हैं? अगर गर्मियों में बच्चों को दूषित पानी के कारण पेचिस, दस्त, उल्टी और पेट संबंधी बीमारियां होती हैं, तो ऐसे में आप क्या करते हैं? क्या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों से बच्चों का इलाज संभव है या फिर इलाज के लिए दूसरे शहर जाना पड रहा है? जो बच्चे स्कूल जा रहे हैं, क्या उन्हें वहां पीने का साफ पानी मिल रहा है? अगर नहीं तो वे कैसे पानी का इंतजाम करते हैं?

हमारे देश में हर एक दिन की अपनी खास बात और महत्व है। जहां एक दिन किसी दिन को हम किसी की जयंती के रूप में मनाते हैं, तो किसी दिन को बेहद ही खुशी से। इसी कड़ी में 24 अप्रैल का दिन भी बेहद खास है।इस दिन पंचायतो में विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन किया जाता है जो पंचायत की उपलब्धियों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में उनके योगदान को उजागर करते हैं। यह दिन 17 जून 1992 को संविधान में 73वें संशोधन के पारित होने और 24 अप्रैल 1993 को कानून लागू होने की याद में मनाया जाता है। पंचायती राज व्यवस्था का जनक लॉर्ड रिपन को माना जाता है अगर देश में किसी गांव में कोई दिक्कत है या उस गांव की हालत खराब है, तो उस गांव की इस समस्या को दूर करने और उसे सशक्त एवं विकसित बनाने के लिए ग्राम पंचायत ही उचित कदम उठाती है। तो आइये दोस्तों ,इस राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर हम सभी पंचायत के नियमों का पालन करे और पंचायती राज व्यवस्था का हिस्सा बन कर पंचायत के विकास में योगदान दे । मोबाइल वाणी के पुरे परिवार की और से आप सभी को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

उत्तरप्रदेश के झाँसी के नरेश प्रजापति द्वारा बताया गया की ग्राम गनवा में बनी हुई है पानी की समस्या जिस पर कोई जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहा है

उत्तरप्रदेश के झाँसी में ग्राम बनवा से समत पाल के द्वारा बताया गया की ग्राम में नल की समस्या है और नल से पानी नहीं पहुंच रहा है।

उत्तरप्रदेश के झाँसी के विकेश द्वारा बताया गया की ग्राम में नहीं मिल रहा नल से जल परेशान हो रहे हैं ग्रामवासी पिछले चार दिनों से बनी हुई परेशानी

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जनसेवा केंद्र से होने वाले लाभ आईए जानते हैं विकेश कुमार प्रजापति जी से जो की ग्रामीण क्षेत्रों से होने के बाबजूद विकट परिस्थितियों होने के बाद भी एक अच्छे समाजसेवक है