Transcript Unavailable.

गांव में जाकर और रोजगार सिलाई अगरबत्ती बनाना और अन्य रोजगार की जानकारी दी

हमारे समाज में कुछ ऐसी मान्यताएं प्रचलित है जिन्हें अंधविश्वास कहा जाता है हालांकि कुछ लोगों के लिए यह आस्था का सवाल हो सकता है। इन मान्यताओं के कारण भारत की अधिकांश जनता अपने मन में वहम पालकर जीवन जीती है। निर्णयहीन होकर किसी अनहोनी की आशंका से डरी हुई रहती है और धर्मभीरू बन जाती है। मेरा अनुभव कहता है जो लोग अंधविश्वासों को मानते हैं वह डरे हुए ही जीवन गुजार देते हैं लेकिन साहसी लोग अपनी बुद्धि और समझ पर भरोसा करते हैं। आज हम बात करेंगे सामाजिक मान्यताएं और अंधविश्वास पर। समाज में ढ़ेरों मान्यताएं है जिनमें से कुछ को हम अपने संस्कृति का हिस्सा मानते है। तो ऐसे मान्यताएं है जो लोक परंपरा और स्थानीय लोगों की स्वीकोरोक्ति पर आधारित है हालांकि इनमें कुछ विश्वासों को अनुभव पर आधारित माना जाता है ।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ शिमला मिर्च लगाने की विधि के बारे में जानकारी दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे।अगर आपके पास है कोई मज़ेदार चुटकुला, तो रिकॉर्ड करें मोबाइल वाणी पर, फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर और जीतें आकर्षक इनाम।

घरेलू हिंसा सभ्य समाज का एक कड़वा सच है।आज भले ही महिला आयोग की वेबसाइट पर आंकड़े कुछ भी हो जबकि वास्तविकता में महिलाओं पर होने वाली घरेलु हिंसा की संख्या कई गुना अधिक है। अगर कुछ महिलाएँ आवाज़़ उठाती भी हैं तो कई बार पुलिस ऐसे मामलों को पंजीकृत करने में टालमटोल करती है क्योंकि पुलिस को भी लगता है कि पति द्वारा कभी गुस्से में पत्नी की पिटाई कर देना या पिता और भाई द्वारा घर की महिलाओं को नियंत्रित करना एक सामान्य सी बात है। और घर टूटने की वजह से और समाज के डर से बहुत सारी महिलाएं घरेलु हिंसा की शिकायत दर्ज नहीं करतीं। उन्हें ऐसा करने के लिए जो सपोर्ट सिस्टम चाहिए वह हमारी सरकार और हमारी न्याय व्यवस्था अभी तक बना नहीं पाई है।बाकि वो बात अलग है कि हम महिलाओं को पूजते ही आए है और उन्हें महान बनाने का पाठ दूसरों को सुनाते आ रहे है। आप हमें बताएं कि *-----महिलाओं के साथ वाली घरेलू हिंसा का मूल कारण क्या है ? *-----घरेलू हिंसा को रोकने के लिए हमें अपने स्तर पर क्या करना चाहिए? *-----और आपने अपने आसपास घरेलू हिंसा होती देखी तो क्या किया?

बैतूल

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में।