बैतूल।आतिशबाजी की सावधानियां * विश्वसनीय दुकान से खरीदे। * बड़ो की देख रेख में जलाएं। * निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। * आतिशबाजी जलाने में मोमबत्ती या अगरबत्ती का प्रयोग करें। * आग बुझाने के लिए पानी से भरी बाल्टी रखे। * हवाई आतिशबाजी का खुले में करें उपयोग। * खराब या आंशिक जली आतिशबाजी को पानी में डूबोकर करें समाप्त। अब त्यौहारों एवं अन्य अवसरों पर तेज धमाकेदार पटाखों का विक्रय एवं उपयोग प्रतिबंधित कर दिया गया है। केन्द्र सरकार द्वारा आतिशबाजी के विक्रय के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए है। विक्रेता 125 डेसीबल से ज्यादा आवाज वाली किसी भी आतिशबाजी का ना तो निर्माण कर सकेंगे और ना ही विक्रय कर सकेंगे। संयुक्त मुख्य विस्फोटक नियंत्रक कार्यालय भोपाल डॉ.मोहम्मद इकबाल जफर अंसारी द्वारा इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए है। आतिशबाजी विनिर्माण फैक्ट्री एवं आतिशबाजी की बिक्री के लिए परिसर 15 किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए। शेडों के बीच की दूरी 18 मीटर अनिवार्य रूप से हो। फूलझड़ी के शेड के लिए दूरी 9 मीटर निर्धारित की गई है। इको के साथ कभी से अधिक ना हो। कमरों की दीवारें ढाई मीटर ऊंची और 60 मीटर चौड़ी होना चाहिए। लाईसेंस अनिवार्य होना चाहिए एवं प्रत्येक रासायनिक पदार्थ के लिए अलग 2 कमरे होना चाहिए। आतिशबाजी की दुकानों का स्वरूप दिशा-निर्देशों के अनुसार दुकानों का निर्माण ईंट, पत्थर, कांक्रीट से निर्मित किया जाए और दुकान इस प्रकार से बंद और सुरिक्षत होगी, जिससे कि अप्राधिकृत व्यकित का प्रवेश प्रतिबंधित किया जा सके। दीपावली पर करें सुरक्षित भंडारण दिशा निर्देश के अनुसार स्थाई अनुज्ञप्ति प्राप्त 2 आतिशबाजी की दुकानों के बीच में आवश्यक सुरक्षा दूरी 15 मीटर होनी चाहिए और 15 मीटर के दायरे में कोई भी ज्वलनशील पदार्थ की दुकान अथवा कार्य नहीं किया जाना चाहिए। दुकान में फायर वर्क जैसे रॉकेट, अनार, चकरी 300 किलोग्राम एवं चोरसा या चाईनीज पटाखे व स्पार्कल्स जिसमेें सुतली बम, लड़ी, फुलझड़ी आदि निर्धारित मात्रा से अधिक नहीं होना चाहिए। आतिशबाजी का प्रदर्शन अक्सर शादी, पार्टी के अवसर पर तथा स्टेडियम से करने के पूर्व जिला प्रशासन की अनुमति लेकर सुरक्षित स्थान पर ही आतिशबाजी की जाना चाहिए। त्यौहार के दौरान आतिशबाजी के कब्जे और विक्रय के लिए अस्थाई दुकानों के आवंटन व निर्माण ऐसा करें कि एक दूसरे से कम से कम दुकानें 3 मीटर और सुरक्षित कार्य से 50 मीटर की दूरी पर रहे। यह ध्यान रखा जाए कि शेड का झुकाव एक दूसरे के आमने सामने नहीं हो। शेडों की सुरक्षित दूरी के बीच तेल से जलने वाले लैंप या गैस गैंस लैंप या खुली बत्तियों का उपयोग नहीं किया जाए। बिजली का उपयोग का भी इस प्रकार सावधानी से करें कि दीवार या छत पर उन्हें फिक्स किया जाए। प्रत्येक दुकानों के स्वीचों को दीवारों पर अच्छी तरह से सुव्यवस्थित लगाया जाए। एक समूह में 50 से अधिक दुकानों का आवंटन न किया जाए। दीपावली के समय आतिशबाजी के भंडारण में विशेष रूप से ध्यान रखे कि दुकानें निर्धारित आकार में ही रहे। दुकानों के बीच सुरक्षित स्थान पर किसी भी प्रकार का भंडारण न हो। दो आतिशबाजी की दुकानों के बीच 15 मीटर आवश्यक रूप से सुरक्षा दूरी रखी जाए।
