बैतूल। पंजाबी कृष्ण मंदिर गंज से गुरुवार 19 अक्टूबर को श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति द्वारा शाम 7 बजे भव्य राम बारात निकाली गई। राम बारात में जब भगवान राम बने कलाकार बग्घी पर सवार होकर राम बारात लेकर निकले तो माहौल न केवल उत्साहमय नजर आया बल्कि धर्ममय हो गया। शिवजी का धनुष तोड़ने के बाद भगवान रामजी दूल्हा बनकर सीता मैया को ब्याहने बारात लेकर जनकपुरी पहुंचे। भगवान रामजी जब दूल्हा बनकर और रथ पर सवार होकर बारात लेकर निकले तो हर कोई उनकी एक झलक पाने को आतुर नजर आया। इधर बाराती के रूप में आयोजन समिति के पदाधिकारी ही नहीं बल्कि शहर के नगरवासी भी शामिल हुए। बारात का पूरे मार्ग भर जगह-जगह नागरिकों और विभिन्न संस्थाओं ने स्वागत किया। श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति के तत्वावधान में चल रही रामलीला के छटवे दिन गुरुवार को श्रीराम विवाह, राम कलेवा और दशरथ प्रतिज्ञा का आयोजन हुआ। इसके लिए बाकायदा आयोध्यापुरी (पंजाबी कृष्ण मंदिर) से राम बारात निकाली गई। अभी तक केवल दर्शक के रूप में रामलीला में शिरकत कर रहे श्रद्धालुओं को भी सीधे तौर पर बाराती के रूप में शामिल होने का अवसर प्राप्त हुआ। बारात निकलने से पहले समिति ने पंजाबी कृष्ण मंदिर परिसर में दोपहर में भंडारे का आयोजन किया। शाम को राम बारात निकली। दूल्हा बने भगवान रामजी रथ में सवार थे। उनके साथ लक्ष्मण जी, भरत जी, शत्रुघ्न 'जी और गुरु वशिष्ठ भी थे। बाराती के रूप में समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल हुए।