बुखार और दस्त में फायदेमंद है हींग...
अतिसार में लाभकारी है हींग...
कान के रोग में फायदेमंद है हींग ...
साथियों, आपने वो कहानी तो सुनी ही होगी कि एक लकड़ी को तो कोई भी तोड़ सकता है लेकिन लकड़ियों के बंडल को तोड़ना आसान नहीं है.. कई मुश्किलें ऐसी होती हैं जिन्हें अकेले से ज़्यादा कई लोग मिलकर हल कर सकते हैं. जी हाँ यही है एकता की ताकत. इसी ताकत को आप तक पहुंचा रहे हैं हम अपने कार्यक्रम बदलाब का आगाज़ के ज़रिये, इसमें 16 दिनों तक बातें होंगी हिंसा के खिलाफ सक्रियता को लेकर।
दिमाग को शांत व चित्त को प्रसन्न रखने का प्रयास करें।दिल को हमेशा सकारात्मक सोच व ऊर्जा व प्रसन्नता से भरा रखें तभी पूर्ण शरीर स्वस्थ रहेगा व दिमाग में व्यर्थ के नकारात्मक विचारों को न आने दें।हर पल स्वयं को 'मैं ठीक हूं', 'सब कर सकता हूं', 'सब अच्छा होगा' का संदेश देते रहें।सब कुछ ठीक होने पर भी स्वास्थ्य गड़बड़ाए तो परेशान, निराश, उदास हो उसी के बारे में सतत सोचने से अच्छा है कि उसे जीवन का एक पड़ाव व हिस्सा मान सहजता से स्वीकारें।
तनाव लेना छोड़ें। छोटी-छोटी बातों के तनाव फिर वो नौकरी की समस्या हो या आर्थिक, शारीरिक सबका हल है। तनाव लेने से समस्या दूर नहीं होगी, उसका समाधान ढूंढ़ उससे निपटने में अपनी ऊर्जा लगाएं।किसी भी दर्द या परेशानी को झेलते हुए सहनशीलता की मिसाल बनने की बजाए उसका डॉक्टर से निदान करवाएं।अपनी भावनाओं को शेयर करें, अभिव्यक्ति दें, हल्का व प्रसन्न महसूस होगा।दिमाग को शांत व चित्त को प्रसन्न रखने का प्रयास करें।
अच्छे स्वास्थ्य के लिए सबसे आवश्यक है नियमित व्यायाम या योग। कुछ समय स्वयं के लिए निकालकर सुबह घूमने अवश्य जाइए। आधी समस्याएं दूर होंगी।हर उम्र की अपनी समस्याएं होती हैं। 40 वर्ष पश्चात् नियमित जांच प्रतिवर्ष अवश्य करवाएं ताकि बीमारी को प्रारंभिक अवस्था में ही जाना जा सके।नियमित खानपान, सब्जी-फल, दूध-दही का सेवन करें। यह केवल परिवारजनों के लिए नहीं, स्वयं के लिए भी लें।
अपने आप के लिए किसी तरह का अफ़सोस महसूस न करें, न ही किसी ऐसी चीज़ पर जिसे आप हासिल नहीं कर सके, और न ही ऐसी किसी चीज़ पर जिसे आप अपना नहीं सकते। इसे अनदेखा करें और इसे भूल जाएं। पैसा, पद, प्रतिष्ठा, शक्ति, सुन्दरता, जाति की ठसक और प्रभाव; ये सभी चीजें हैं जो अहंकार से भर देती हैं. विनम्रता वह है जो लोगों को प्यार से आपके करीब लाती है।
अपने आस-पास के लोगो से खूब मिलें जुलें हंसें बोलें!हँसे खुश रहे...... Positive रहे हर situation में खुद को mentally strong बनाएँ अपने आप के लिए किसी तरह का अफ़सोस महसूस न करें, न ही किसी ऐसी चीज़ पर जिसे आप हासिल नहीं कर सके, और न ही ऐसी किसी चीज़ पर जिसे आप अपना नहीं सकते। इसे अनदेखा करें और इसे भूल जाएं।
क्रोध छोड़ो, चिंता छोड़ो,चीजों को नज़रअंदाज़ करने की कोशिश करो. विक्षोभ की स्थितियों में स्वयं को शामिल न करें, वे सभी स्वास्थ्य को कम करते हैं और आत्मा के वैभव को छीन लेते हैं। सकारात्मक लोगों से बात करें और उनकी बात सुनें।
