ग्राम खंड पिपरा के निवासी चन्द्र राम ने मुख्यमंत्री से की गई शिकायत में कहा है कि वर्ष 2014_ 15 में गांव की अविवाहित बेटी बिजमा देवी को रघुनंदन की पत्नी बना कर मुख्यमंत्री आवास ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिका सत्य प्रकाश ने स्वीकृत कर दिया। जबकि बिजमा की शादी भी नही हुई थी। वर्ष 2016-17 मे दुबारा रघुनन्दन पुत्र बिहारी को मुख्यमंत्री आवास की स्वीकृति सचिव अंकुर यादव ने कर दी।रघुनन्दन ने बैंक खाते आए एक लाख बीस हजार रुपये से आवास का निर्माण कराया। बेटी को पत्नी बनाकर और बाद में अपने नाम ग्राम पंचायत अधिकारी से मिल कर एक के स्थान पर दो आवास का पैसा हड़पने, गुमराह कर फर्जी तरीके से लिए गए आवास का धन रिकबरी कराते हुये धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराने की मांग मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है।खंड विकास अधिकारी अखिलेश गुप्ता ने बताया की प्रकरण की जानकारी नही है।प्रकरण गंभीर है।शिकायत मिलने पर कार्यवाही कराई जाएगी।
