विकास खंड के 56 गांव पंचायतों में अमृत सरोवरों की खुदाई, सौंदर्यीकरण को लेकर वर्ष भर खूब शोर मचा। बड़ी गांव पंचायतों में शामिल रही करीब 25 सरोवरों पर ग्राम प्रधानों ने खुदाई शुरू कराई लेकिन इन्हें मूर्ति रूप दे पाने में इन्हे पसीना आने लगा। कुछ को छोड़ कर ज्यादातर गांव पंचायतों में आधी अधूरी खुदाई कर कार्य बंद कर दिया गया। एक मात्र अमृत सरोवर हाजीपुर बरसेंडी तैयार हो पाया जिसका लोकार्पण मंत्री जी से कराकर विकास विभाग ने अपनी वाह वाही लूटी। बड़ी गांव पंचायतों में शामिल रौनाही के प्रधान प्रतिनिधि मेराज खान, मंगलसी के प्रतिनिधि राम चेत यादव, आदर्श गांव पंचायत सनाहा के अंबरीश पाण्डेय पिलखावा के सत्रोहन वर्मा जैसे अनेक प्रधानों की हिम्मत जवाब दे गई और इनके यहां शुरू हुआ अमृत सरोवरों का निर्माण आधा अधूरा रह गया पूछे जाने पर रौनाही के प्रतिनिधि मेराज कहते हैं विकास विभाग का मानक गांव पंचायत को लेकर दोहरा मापदंड रहा है कहीं कच्चा और पक्का दोनों तरह का काम दिया गया तो कहीं सिर्फ कच्चा काम और नाली पुलिया तक ही अमृत सरोवर सीमित रहे मनरेगा से बनने वाले इन अमृत सरोवरों में लगे मजदूरों की मजदूरी समय से नहीं मिली आज भी अनेक गांव पंचायत में अनेक मजदूर ऐसे हैं जिन्होंने काम किया लेकिन उन्हें मजदूरी अब तक नहीं मिल पाई है। धनाभाव के कारण इन सरोवरों का निर्माण रूक गया। पूछे जाने पर सहायक विकास अधिकारी राजीव कुमार कहते है ब्लाक में एक मात्र हाजीपुर बरसेंडी का अमृत सरोवर तैयार हुआ है जिसका लोकार्पण हो चुका है शेष पर अभी रुक रुक कर काम चल रहा है।