सोहावल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कटरौली में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथा व्यास परम पूज्य महाराज श्रीराम कृष्ण तिवारी जी ने रुक्मिणी विवाह प्रसंग के बीच में बतलाया कि रुक्मणी लक्ष्मी स्वरुपा है। जिनको शिशुपाल जबरन हासिल करना चाहता था। लेकिन लक्ष्मी जी को कोई जबरन नहीं प्राप्त कर सकता। वह नारायण की है और नारायण की ही रहेंगी। इस दौरान श्रीकृष्ण और रुक्मणि विवाह उत्सव बड़ी धूम धाम से मनाया गया। व्यास वेदी पर भगवान श्रीकृष्ण - रुक्मिणी एक दूसरे के गले में वर माला डाला। ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों ने पाव पूजन की रस्म निभाई। भगवान कृष्ण का विवाह महोत्सव देख श्रोतागण भाव विभोर हो उठे और पंडाल में श्रद्धालु विवाह गीत पर नाच उठे।