नगर पंचायत हो या ग्राम पंचायत ऐसे मकान जहां से किसी भी प्रकार की कमाई हो रही है दुकान आदि चल रही है ऐसे मकान का विद्युत कनेक्शन अब घरेलू सामान्य कनेक्शन नहीं रहेगा इसे कमर्शियल में बदलवाकर उसी मूल्य से बिल जमा करना होगा। शासन के इस निर्देश के तहद विद्युत कर्मी अब गांव गांव ऐसे मकानों को खोजकर उपभोगताओं का कमर्शियल फार्म भरवाने लगे है। सबसे ज्यादा प्रभावित होने वालो में हाइवे के किनारे बने वह मकान है जिन्होंने कमाई के नजरिए से कोई न कोई दुकान खोल रखा। गांवो में दर्जनों दुकानें ऐसी है जो घरेलू कनेक्सन के सहारे चलाई जा रही है। ऐसी तक उपभोगताओ ने एक हॉर्स पावर घरेलू कनेक्सन पर लगा रक्खा है। गांव के कोटेदारों की दुकान को भी इसी श्रेणी में लाने की बात अभी चल रही है। क्षेत्र के कुछ कोटेदारों से विद्युत कर्मियों ने फार्म भरा लिया तो आपूर्ति विभाग ने यह कहकर एतराज जताया कि कोटेदार कमीशन पर काम करता है इसकी दुकान कमाई की श्रेणी में नहीं आती। दीपावली के अवसर विद्युत उपभोगताओ के लिए लाई गई सरकार की इस योजना से हड़कंप मचा हुआ है। 0 बोले उप मंडलीय अभियंता मनोज कुमार यादव शासन से आए विभागीय निर्देश के क्रम में कमाई करने वाले घरों प्रतिष्ठानों दुकानों का कनेक्शन घरेलू से कमर्शियल में कराया जाना है। एक मामूली शुल्क जमाकर फार्म भराया जा रहा है। ऐसे उपभोगताओं का बिल अब कमर्शियल रेट से आयेगा।
