जिले के चनपटिया प्रखंड कार्यालय स्थित प्र.वि.पदा. मनोरंजन पाण्डेय के नेतृत्व में सेविका/सहायिकाओं ने मतदाता जागरूकता रैली के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक एवं युवा मतदाताओं को प्रोत्साहित किया....

बिहार जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति जिला ईकाई, प. चम्पारण की पचास हजार जीविका दीदीयों को लाखपति बनाने की प्रक्रिया शुरू ....

कृषि विज्ञान केन्द्र माधोपुर में आयोजित प्राकृतिक खेती विषयक दो दिवसीय प्रशिक्षण समाप्त. प्रशिक्षण सहभागियों ने सीखा प्राकृतिक खेती के तरीका और होने वाले लाभों की ली जानकारी।

दो हजार चौबीस लोकसभा चुनावों की तारीखों और कुल चुनाव की घोषणा कर दी है । यह अप्रैल से शुरू होकर 1 जून को समाप्त होने वाले सात चरणों में आयोजित होने वाला है और चुनाव के लिए वोटों की गिनती 4 जून को होगी । सभी दल , सभी नेता , सभी समर्थक अब चुनावी जंगल में प्रवेश करने और तैयारियों के आधार पर अपना समीकरण बनाने और दूसरे के समीकरण को खराब करने की तैयारी कर रहे हैं । 26 अप्रैल - किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर, बांका 07 मई - झंझारपुर, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, खगड़िया 13 मई - दरभंगा, उजियारपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुंगेर 20 मई - सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सारण, हाजीपुर 25 मई - वाल्मिकि नगर, पंश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सिवान,

सुनिए एक प्यारी सी कहानी। इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की क्षमता बढ़ा सकते है। ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? अगर आपके पास भी है कोई मज़ेदार कहानी, तो  रिकॉर्ड करें फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा कृषि में जैव उर्वरक एज़ोला के उपयोग के बारे में बता रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें

Transcript Unavailable.

भारत में शादी के मौकों पर लेन-देन यानी दहेज की प्रथा आदिकाल से चली आ रही है. पहले यह वधू पक्ष की सहमति से उपहार के तौर पर दिया जाता था। लेकिन हाल के वर्षों में यह एक सौदा और शादी की अनिवार्य शर्त बन गया है। विश्व बैंक की अर्थशास्त्री एस अनुकृति, निशीथ प्रकाश और सुंगोह क्वोन की टीम ने 1960 से लेकर 2008 के दौरान ग्रामीण इलाके में हुई 40 हजार शादियों के अध्ययन में पाया कि 95 फीसदी शादियों में दहेज दिया गया. बावजूद इसके कि वर्ष 1961 से ही भारत में दहेज को गैर-कानूनी घोषित किया जा चुका है. यह शोध भारत के 17 राज्यों पर आधारित है. इसमें ग्रामीण भारत पर ही ध्यान केंद्रित किया गया है जहां भारत की बहुसंख्यक आबादी रहती है.दोस्तों आप हमें बताइए कि *----- दहेज प्रथा को लेकर आप क्या सोचते है ? और इसकी मुख्य वजह क्या है ? *----- समाज में दहेज़ प्रथा रोकने को लेकर हमें किस तरह के प्रयास करने की ज़रूरत है ? *----- और क्यों आज भी हमारे समाज में दहेज़ जैसी कुप्रथा मौजूद है ?

दोस्तों, हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे।अगर आपके पास भी है कोई मज़ेदार चुटकुला, तो रिकॉर्ड करें मोबाइल वाणी पर, फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।

हम सभी रोज़ाना स्वास्थ्य और बीमारियों से जुड़ी कई अफवाहें या गलत धारणाएं सुनते है। कई बार उन गलत बातों पर यकीन कर अपना भी लेते हैं। लेकिन अब हम जानेंगे उनकी हकीकत के बारे में, वो भी स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद से, कार्यक्रम सेहत की सच्चाई में। याद रखिए, हमारा उद्देश्य किसी बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि लोगों को उत्तम स्वास्थ्य के लिए जागरूक करना है।सेहत और बीमारी को लेकर अगर आपने भी कोई गलत बात या अफवाह सुनी है, तो फ़ोन में नंबर 3 दबाकर हमें ज़रूर बताएं। हम अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जानेंगे उन गलत बातों की वास्तविकता, कार्यक्रम सेहत की सच्चाई में।