उत्तरप्रदेश राज्य के मौ जिला से सुरेंद्र नाथ ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि यूपी पुलिस भर्ती को रद्द कर दिया गया यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और बहुत निराशाजनक है.पाँच साल बाद भर्ती की सजा भी रद्द कर दी जाती है , उस पर छापा भी मारा जाता है , इसलिए यह जिम्मेदारी का सवाल है । यह कहना कि हम शून्य सहिष्णुता की सरकार चला रहे हैं , एस . पी . एफ . पर भी सवालिया निशान है , जिसके संरक्षण में ये सभी व्यवस्थाएं की जा रही थीं , न कि विभाग की बल्कि स्वयं पुलिस विभाग की ।
