उत्तरप्रदेश राज्य के मौ जिला से सुरेंद्र नाथ ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जिन लोगों को भारत सरकार ने भारत रत्न दिया है , उन्हें यह भी सोचना चाहिए कि अगर वे उस विचारधारा के हैं । वे जो सोच रहे थे जो उनके जीवन के सपने थे , क्या हम उस सपने को पूरा कर पाए , क्या हम स्वामीनाथन के सपने को पूरा कर पाए ? अगर आपने ऐसा नहीं किया है , तो क्या आपने चौधरी चरण सिंह के सपने पूरे किए हैं , अगर आपने ऐसा नहीं किया है , तो यह भारत रत्न है । महज के मन में उनके लिए सम्मान है लेकिन उनके विचारों के लिए नहीं ।